सिकंदराराऊ के गांव फुलरई में आयोजित सत्संग में मची भगदड़ में 121 लोगों की मृत्यु हो गई थी। एसआई सौरभ कुमार 42वें गवाह थे। उन्होंने बताया कि दो जुलाई 2024 को आगरा मोर्चरी में करीब 21 शव पहुंचे थे। सौरभ ने मृतका पुष्पा देवी के शव की शिनाख्त कराई थी। उन्होंने पंचनामा की कागजी कार्यवाही पूरी कर शव
सिकंदराराऊ में साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग में मची भगदड़ के मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। अपर सत्र एवं जनपद न्यायाधीश की अदालत में अभियोजन पक्ष ने एसआई सौरभ कुमार और टेंट व्यवसायी राज कपूर के बयान दर्ज कराए।
विज्ञापन
सिकंदराराऊ के गांव फुलरई में आयोजित सत्संग में मची भगदड़ में 121 लोगों की मृत्यु हो गई थी। एसआई सौरभ कुमार 42वें गवाह थे। उन्होंने बताया कि दो जुलाई 2024 को आगरा मोर्चरी में करीब 21 शव पहुंचे थे। सौरभ ने मृतका पुष्पा देवी के शव की शिनाख्त कराई थी। उन्होंने पंचनामा की कागजी कार्यवाही पूरी कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।
बचाव पक्ष की जिरह में एसआई ने कहा कि मृतका के शरीर पर कोई प्रत्यक्ष चोट नहीं थी। लोगों की राय में भगदड़ से चोटें आईं। उन्होंने फर्जी मुआवजे के आरोप को गलत बताया। बदायूं निवासी टेंट व्यवसायी राज कपूर ने गवाही दी। उन्होंने सत्संग कमेटी के अध्यक्ष देवप्रकाश मधुकर से 4.70 लाख रुपये में टेंट का सौदा किया था। लगभग 60-62 हजार लोगों की क्षमता वाला टेंट एक जुलाई 2024 की रात तक तैयार था।
विज्ञापन
राज कपूर ने कहा कि प्रवचन के बाद बाबा के निकलने पर भीड़ बढ़ी और आयोजकों व सेवादारों के नियंत्रण प्रयास में भगदड़ मच गई थी। उन्होंने ढाई-तीन लाख लोगों की मौजूदगी को गलत बताया और कहा कि अत्यधिक गर्मी व बारिश से फिसलन के कारण लोग गिरे थे।