इस साल भाव न मिलने से मधुमक्खी पालक परेशान
इस साल शहद का अच्छा भाव न मिलने से मधुमक्खी पालक परेशान हैं। चतुर्भुज यादव का आरोप है कि मिलावटखोरी के कारण शुद्ध शहद भी इस बार निर्यात नहीं हो सका है। इस वजह से शहद का सही भाव नहीं मिल सका। उन्होंने अच्छा दाम मिलने की आस में अभी तक इस सीजन का शहद नहीं बेचा है। इससे काफी मुश्किलों का समाना करना पड़ रहा है।
बागों में रखते हैं मधुमक्खी
मधुमिक्खयों के बक्सों को आम, अमरूद आदि के बागों में रखा जाता है। मधुमिक्खयां सरसों व अन्य फूलों से रस तैयार करती हैं। इन-दिनों इस व्यवसाय का सीजन नहीं चल रहा है। मधुमिक्खयों को चीनी से जिंदा रखा जा रहा है।
मधुमक्खी पालकों ने बनाई एफपीओ
जिले के मधुमक्खी पालकों ने मिलकर हाथरस हनी फेड फार्मर प्रोड्यूसर नाम से एक एफपीओ ( फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी) भी बनाई है। इसका अध्यक्ष चतुर्भुज यादव की पत्नी प्रेमवती यादव को बनाया गया है।
मधुमक्खी पालन के लिए विभाग द्वारा 88 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। मधुमक्खी पालन फायदे का व्यवसाय है। इस साल शहद का भाव अच्छा न रहने से मधुमक्खी पालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
-अनीता सिंह, जिला उद्यान अधिकारी हाथरस