कलेक्ट्रेट पर धरने के दौरान नारेबाजी करते परिजन व ग्रामीण। संवाद
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क्षेत्र के गांव विशुनदास में युवक रितेश उर्फ छोटू की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों ने ग्रामीणों के साथ कलेक्ट्रेट पर बुधवार को धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया और न्याय की मांग की।
गांव निवासी रितेश 13 मार्च की रात करीब नौ बजे से लापता था। उसका शव 21 मार्च को गांव केसरगढ़ी के निकट करबन नदी में मिला था। चाचा कोमल सिंह ने आरोप लगाया था कि गांव के प्रधान दयाल सिंह, उनके बेटे श्याम सिंह, दयाल सिंह के भतीजे हरिओम और चंद्रवीर ने रितेश की हत्या की है। कोतवाली में रितेश के भतीजे जितेंद्र ने 22 मार्च को इन चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है और वह खुलेआम गांव में घूम रहे हैं। कोमल सिंह ने डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में आशंका जताई है कि इलाका पुलिस आरोपियों के दबाव में काम कर रही है। इस कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। सीओ सादाबाद अमित पाठक का कहना है कि पुलिस पर लगे आरोप निराधार हैं और इस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई प्रचलित है।