अब निजी विद्यालयों की तर्ज पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में पढ़ने वाली छात्राओं के विकास के लिए प्रयास किया जा रहे हैं। इसी क्रम में एक केजीबीवी एक खेल के तहत जिले की दो छात्राओं की प्रतिभा को निखारा जाएगा।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। जिले में छह केजीबीवी संचालित हैं। इन विद्यालयों में करीब 550 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। विभाग इन छात्राओं के सर्वांगीण विकास के प्रयास कर रहा है। एक कस्तूरबा एक खेल के तहत प्रत्येक केजीबीवी में एक खेल को प्रोत्साहित किया जाएगा। छात्राओं की रुचि के आधार पर खेल प्रतिभा का चयन किया जाएगा, उन्हें खेल का निमयमित अभ्यास कराया जाएगा। विद्यालयों की टीम को बड़े खेल आयोजनों में खेलने का मौका दिया जाएगा। इस संबंध में डीसी बालिका शिक्षा हेमंत सेंगर का कहना है कि इस पहल से छात्राओं की खेल प्रतिभा निखरेगी। हमारा प्रयास है कि केजीबीवी की छात्राओं का सर्वांगीण विकास हो सके।