संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
कोरोना महामारी के मद्देनजर ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे सैनिटाइजेशन के काम का जिला पंचायतराज अधिकारी ने बृहस्पतिवार को निरीक्षण किया। उनको महिला सफाई कर्मी अपने स्थान पर अपने बेटों से सफाई कराती हुई मिलीं। ग्राम पंचायत बरौस में बीमारों को आशा कार्यकर्ता द्वारा दवा की किट उपलब्ध नहीं कराई गई थीं।
ग्राम पंचायत बरौस में डीपीआरओ को पता चला कि कोरोना से बचाव के लिए आशा कार्यकर्ता सीमा शर्मा को पल्स ऑक्सीमीटर एवं थर्मल स्कैनर दिया गया था, लेकिन उनके पास यह डिवाइसें नहीं मिलीं। पंचायत सचिव शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उनको भी इसकी जानकारी नहीं है।
गांव में सात लोग बीमार हैं, लेकिन आशा ने किसी को दवा नहीं दी, जबकि आशा कार्यकर्ता को पांच दवा की किट दी गई हैं। ग्राम पंचायत सरौठ में निरीक्षण के दौरान सात सफाई कर्मचारियों में उदयवीर सिंह, शमसेर अली एवं प्रवीणा सफाई कार्य नहीं कर रहे थे। सफाई कर्मी प्रवीणा द्वारा स्वयं सफाई न कर अपने बेटे से सफाई कार्य कराया जा रहा था।
इन तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। ग्राम पंचायत में निगरानी समिति की सदस्य आशा कार्यकर्ता सुनीता देवी द्वारा थर्मामीटर एवं पल्स ऑक्सीमीटर से किसी का चेकअप नहीं किया गया है। आशा कार्यकर्ता द्वारा बिना चेकअप के लोगों को दवा दी गई है। इस क्रम में ग्राम पंचायत नौगवां के राजस्व ग्राम नगला पचौरी का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान दो महिला सफाई कर्मियों द्वारा स्वयं सफाई न कर अपने बेटों से सफाई कार्य करा रहीं थीं। इनको नो वर्क नो पे के तहत वेतन रहित करने की कार्रवाई की गई। ग्राम पंचायत मंस्या में सफाई कर्मी ओमप्रकाश एवं ममता देवी गैरहाजिर मिलीं। दोनों गैरहाजिर कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।