बेटा, मेरे दोनों पैर कुचलकर खराब हो गए हैं, लेकिन तू आराम से आना, सड़क पर तड़पते बेबस जयप्रकाश ने फोन पर अपने बेटे नरेंद्रपाल से यह आखिरी शब्द कहे थे। हादसे की जानकारी पर बेटा आनन-फानन गुरुग्राम पहुंचा, लेकिन वहां अस्पताल में पिता का बेजान शरीर मिला।
क्षेत्र के गांव झगरार निवासी जयप्रकाश सिंह (50) की हरियाणा के गुरुग्राम में हुए भीषण सड़क हादसे में मौत के बाद बुधवार देर शाम जैसे ही उनका शव पैतृक गांव पहुंचा, पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव का हर शख्स इस हृदयविदारक घटना से स्तब्ध है।
जयप्रकाश एक निजी कंपनी में इलेक्ट्रिशियन के पद पर कार्यरत थे और फरीदाबाद में रहते थे। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे कंपनी से मिली शिकायत को ठीक करने के लिए वह अपनी बाइक से गुरुग्राम के लिए निकले थे। इस दौरान सेक्टर-58 स्थित बंजारा मार्केट के पास एक तेज रफ्तार 16 पहिया अनियंत्रित ट्रक (पार्कर) ने उनकी बाइक को रौंद दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि जयप्रकाश के दोनों पैर बुरी तरह कुचल गए।
तमाशा देखती रही भीड़, इंसानियत हुई शर्मसार
इस हादसे ने एक बार फिर आधुनिक समाज की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है। बेटे नरेंद्रपाल ने बताया कि जब पिता सड़क पर लहूलुहान पड़े तड़प रहे थे, तब लोग तमाशबीन बने हुए थे तथा मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि समय से उपचार मिल जाता तो उनकी जान बच सकती थी। जयप्रकाश परिवार में अपने पीछे पत्नी, दाे बेटे व बेटी को छोड़ गए हैं। दोनों बेटे भी गुरुग्राम में ही काम करते हैं और हादसे के समय वहीं थे।