रविवार की सुबह को पांचवीं बेटी का नामकरण संस्कार होना था। घर में पूजा भी रखी गई थी। सुबह को साढ़े नौ बजे पंडित जी को बुलाया गया था। लेकिन रविवार की सुबह 7 पर ही विनीत की मौत की सूचना आ गई।
पांच बेटियों के सिर से उठ गया बाप का साया
विनीत की बड़ी बेटी रीनू पंद्रह साल की है जबकि बबली (13), सोना (11) और डिंपल नौ साल की है। जबकि पांचवीं बेटी नौ दिन की है। पिता की मौत से पांच बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया। पति के शव पर बिलख रही मालती बार बार यही कह रही थी...कौन देखभाल करेगा उसकी पांच बेटियों की। बेटियां भी पिता की याद में बिलख रही थीं।