श्री हरि आइस एवं कोल्ड स्टोरेज के रातभर व्यापारी और किसान शीतगृह पर जमे रहे। यहां शहर के एक-एक व्यापारी को 50 लाख रुपये से लेकर दो-दो करोड़ रुपये तक का माल भरा हुआ है, जिसके कारण व्यापारियों में बैचेनी बनी हुई है।
श्री हरि आइस एवं कोल्ड स्टोरेज के चैंबर संख्या पांच और चार में धुआं-धुआं ही भरा हुआ है, जिसके कारण दमकल कर्मी अंदर नहीं घुस पा रहे और आग बुझाने में दिक्कत आ रही है। शीतगृह की चैंबर संख्या पांच और चार की बिजली काट दी गई है। इस दौरान व्यापारियों ने हंगामा भी किया।
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चैंबर संख्या चार में भी धुआं भरा हुआ है, इसके चलते वहां भी आग पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। चैंबर संख्या पांच में आग लगी थी। इसमें किराने के सामान के करीब 40 हजार बोरे जलकर राख हो गए। चैंबर संख्या चार में भी करीब 30 हजार बोरे रखे हुए हैं। शीतगृह में आग से व्यापारियों में भी खलबली मची हुई है।
चैंबर संख्या चार की दीवारें भी गर्म हो रही है। जिन व्यापारियों का माल चैंबर संख्या चार में रखा हुआ था, उन्होंने इसे खुलवाने के लिए हंगामा किया। इस चैंबर का गेट खुलवाकर देखा गया तो वहां धुआं भरा हुआ था। इसके बाद व्यापारियों ने माल निकलवाने की मांग की। लेकिन धुएं की वजह से किसी की अंदर घुसने की हिम्मत नहीं पड़ी। हालांकि इस चैंबर में आग लगी है या नहीं, इसकी पुष्टि दमकल विभाग अधिकारियों ने नहीं की है। इनका कहना है कि चैंबर संख्या चार में अभी कूलिंग बनी हुई है, इसके चलते प्रतीत हो रहा है कि वहां अभी आग नहीं लगी है।
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रातभर शीतगृह पर डटे रहे व्यापारी और किसान
शीतगृह में आग लगने के बाद से 1 अप्रैल को रातभर व्यापारी और किसान शीतगृह पर जमे रहे। शीतगृह के पीछे भी किसान जमे रहे। यहां शहर के एक-एक व्यापारी को 50 लाख रुपये से लेकर दो-दो करोड़ रुपये तक का माल भरा हुआ है, जिसके कारण व्यापारियों में बैचेनी बनी हुई है। यहां लाल मिर्च, काली मिर्च सहित मसालों, ड्राइ फ्रूट और अन्य सामान रखा हुआ है।