नगर विकास मंत्री के आगमन से पूर्व उनके गुजरने वाले मार्ग रात ही रात में चमक उठे। सड़कों की सफाई हो गई। कूड़े के ढेर उठ गए। यही नहीं तालाब चौराहे पर पुल के नीचे लगे मिट्टी के ढेर को बड़े तिरपाल से छिपा दिया गया। पीडब्ल्यूडी से लेकर तालाब चौराहा, पंजाबी मार्केट व रामलीला मैदान साफ नजर आए। बिजली विभाग के अधिकारी भी सतर्क रहे। रामलीला मैदान में बिजली के तारों को आनन-फानन ठीक कराया गया। शहर के लाइनमैन वहीं तैनात रहे। विभागों ने तीन-तीन जेनरेटर की व्यवस्था कर रखी थी।
पुलिस ने घुसने नहीं दिए दोपहिया वाहन
नगर विकास मंत्री के कार्यक्रम के चलते बाजारों के एंट्री प्वाइंट पर बेरीकेड लगाए गए थे। मंत्री के आते ही तालाब चौराहा से पंजाबी मार्केट की ओर दोपहिया वाहन चालकों को भी नहीं जाने दिया गया। इससे दुकानदार व ग्राहकों को समस्या आई। यहां तैनात एक सिपाही वाहन चालकों से अभद्रता करता भी नजर आया। ऐसे में परेशान लोग सड़क पर ही वाहन खड़े कर बाजार में गए।
हाथरस शहर के रामलीला मैदान पर 16 नवंबर को श्रीकृष्ण-बलराम प्रस्थान व कंस वध की लीला का आयोजन हुआ। लीला में नंदगांव से मथुरा आए भगवान श्रीकृष्ण व बलराम ने मल्ल युद्ध करते हुए कंस का वध किया। कंस का वध होते ही भक्तों ने जयकारे लगाए।
रामलीला मैदान की श्रीकृष्ण लीला का इतिहास काफी पुराना है। 135वें आयोजन के अंतर्गत मथुरा से आई मंडली ने श्रीकृष्ण लीला का मंचन किया। अतिथि ऊर्जा व नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने श्रीकृष्ण व बलराम के स्वरूपों की आरती की। हाथरस रोट समिति की संरक्षक व सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता पौलोमी पावनी शुक्ला, आईएएस प्रशांत शर्मा व अमित श्रोती ने अतिथियों का स्वागत किया। व्यापारी संगठन, कैमिस्ट एसोसिएशन, क्षत्रिय महासभा व अन्य संगठनों ने भी मंत्री का सम्मान किया। एके शर्मा ने मातृछाया केंद्र के बच्चों से मुलाकात की।
एके शर्मा ने कहा कि वह हाथरस की एतिहासिकता को बनाए रखने का हर प्रयास करेंगे। इस क्रम में श्रीदाऊजी मेला की तरह कंस वध लीला कार्यक्रम को भी सरकार से मान्यता दिलाकर भव्य रूप दिलाया जाएगा। कार्यक्रम में सांसद अनूप प्रधान, विधायक अंजुला माहौर, वीरेंद्र सिंह राणा, नगर पंचायत अध्यक्ष श्वेता चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय व अन्य जनप्रतिनिधि रहे। कार्यक्रम में रौबी शर्मा, जय शर्मा, तरुण शर्मा, कपिल मोहन गौड व अन्य लोगों का सहयोग रहा।