रामलीला महोत्सव के तहत घंटाघर स्थित जनकपुरी में देर रात रामबारात पहुंचने पर जोशीला स्वागत हुआ। ड्रोन से पुष्प वर्षा हुई। दिल्ली के कलाकारों ने राजस्थानी नृत्य और मयूर नृत्य की मनभावन प्रस्तुति दी। मंगलामुखियों ने भी नृत्य प्रस्तुत किया। घंटाघर सहित आस पास के सभी आठ बाजारों में हुई भव्य सजावट की पूरे शहर में चर्चाएं रहीं। जनकपुरी में बनाई गई रिवॉल्विंग स्टेज पर राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुध्न की वरमाला हुई।
वरमाला डालते ही जनकपुरी में जयश्रीराम के नारे गूंजते रहे। धार्मिक विद्वान पं. गणेश गुरु, पंकज शास्त्री, शिवानंद शर्मा, शिब्बो गुरु, भुल्लो गुरु और केयूर दीक्षित ने मंत्रोच्चारण के साथ विवाह संपन्न कराया। जनकपुरी में रात 12 बजे तक हजारों लोगों की भीड़ राम सीता विवाह महोत्सव देखने के लिए एकत्रित थी। अपना वालों की धर्मशाला में सैकड़ों लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। घंटाघर सेवा समिति द्वारा एसडीएम सदर अमिताभ यादव, तहसीलदार कमलेश गोयल, रामलीला महोत्सव समिति के अध्यक्ष डॉ. अविन शर्मा, संयोजक बौ. आशीष पचौरी, सह संयोजक बौ. पुनीतराज पचौरी, सार्वजनिक धार्मिक सभा के अध्यक्ष रामबहादुर यादव, डॉ. उमाशंकर शर्मा, संजय शर्मा सहित शहर के गणमान्य लोगों को प्रतीक चिन्ह व दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन ललतेश गुप्ता और अशोक अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया। जनकपुरी को सफल बनाने में पूर्व सभासद बॉबी यादव, जनकपुरी के मीडिया प्रभारी आयोग दीपक, गिर्राज किशोर इमरती वाले, कन्हैया लाल वार्ष्णेय, पंकज यादव, शिवकुमार अग्रवाल, गंगासरन वार्ष्णेय, मुन्नालाल, राहुल चौधरी, अनिल वार्ष्णेय, केशव देव, गोविंदराम, विनोद अग्रवाल, अनिल कुमार, ब्रजकिशोर, दिनेश यादव, अजीत यादव, अखिल गुप्ता, पवन शर्मा, बंटी शर्मा, प्रदीप गुप्ता, अनुज कुमार, संजीव सक्सेना, पुनीत सक्सेना, लतेश वार्ष्णेय, लोकेश वार्ष्णेय, विनोद कुमार आदि का सहयोग रहा।