सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि के पिछले साल 2 जुलाई को सिकंदराराऊ तहसील के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में आयोजित हुए सत्संग में भगदड़ मच गई थी। हादसे में 121 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 250 लोग घायल हुए थे।
हाथरस सत्र न्यायाधीश सतेंद्र कुमार के न्यायालय में सत्संग हादसे के मामले में सोमवार को सुनवाई हुई। सत्र न्यायालय में अभियुक्त पक्ष के अधिवक्ता एपी सिंह ने आरोपों पर बहस की। उनकी बहस पूरी नहीं हो पाई। अब इस मामले में सुनवाई के लिए न्यायालय ने एक फरवरी की तिथि नियत की है।
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उल्लेखनीय है कि सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि के पिछले साल 2 जुलाई को सिकंदराराऊ तहसील के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में आयोजित हुए सत्संग में भगदड़ मच गई थी। हादसे में 121 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 250 लोग घायल हुए थे। न्यायालय में पुलिस ने इस मामले में 11 आरोपियों के विरुद्ध 3200 पेज का आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने 676 गवाह बनाए हैं।
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी देवप्रकाश मुधकर, मेघ सिंह, मुकेश कुमार, मंजू देवी, मंजू यादव, राम लड़ेते, उपेंद्र सिंह, संजू कुमार, रामप्रकाश शाक्य, दुर्वेश कुमार, दलवीर सिंह को आरोपी बनाया है। इस मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश सतेंद्र कुमार के न्यायालय में हो रही है। सत्र न्यायालय में सोमवार को आरोपी पेश हुए। एक आरोपी उपेंद्र यादव की ओर से हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र आया। देवप्रकाश मधुकर, मेघ सिंह व मुकेश की जमानत याचिका उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। यह तीनों आरोपी जिला कारागार से न्यायालय में पेश हुए। अभियुक्त पक्ष के अधिवक्ता एपी सिंह ने आरोपों पर बहस की।