सहालग के कारण सोने की जंजीर, अंगूठी, झुमके, टॉप्स, झाले की मांग है। चांदी में पायल, बिछिया और सिक्कों की मांग है। सोने चांदी का भाव ज्यादा होने के कारण इनकी मांग बेहद हल्के वजन में हो रही है।
हाथरस सराफा बाजार में धीरे-धीरे ग्राहकों का आना-जाना शुरू हो रहा है। बीते दो दिनों से सोने-चांदी के भाव में बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं हुआ है, जिससे ग्राहकों और सराफा कारोबारियों को कुछ राहत मिली है। शादी-विवाह के लिए आभूषण खरीदने वाले लोग बाजार पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
सराफा कारोबारियों का कहना है कि बेहद जरूरतमंद ग्राहक ही खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बिक्री शुरू हो रही है। सहालग के कारण सोने की जंजीर, अंगूठी, झुमके, टॉप्स, झाले की मांग है। चांदी में पायल, बिछिया और सिक्कों की मांग है। सोने चांदी का भाव ज्यादा होने के कारण इनकी मांग बेहद हल्के वजन में हो रही है। कुछ लोग पुराने गहने बेचकर नए खरीद रहे हैं। ज्यादातर ग्राहक अभी भाव और कम होने का इंतजार कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल और अमेरिकी डॉलर की स्थिति सोने-चांदी के भावों को प्रभावित करती है। भाव में स्थिरता रहना जरूरी है। आने वाले दिनों में भाव स्थिर रहते हैं तो सहालग अच्छा होगा।-दीपेश अग्रवाल, सराफ।
अब साेने-चांदी के भाव में कुछ स्थिरता बन रही है। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई बड़ी उठापटक नहीं होती है तो आने वाले दिनों में यह स्थिरता और बढ़ेगी। उम्मीद है कि सहालग में खरीदारी बढ़ेगी।-दिलीप कुमार, ज्वेलर्स।