माता-पिता की मौत के बाद शिवम बचपन से ही बहन के यहां रहता था। शिवम का लालन-पालन बहन ने अपने बच्चे की तरह ही किया था। शिवम ने बहन के घर से जेवर भी चोरी किए थे, लेकिन इसकी भनक परिजनों को कुछ दिन पहले ही लगी थी।
शिवम पिछले चार दिनों तमंचा लेकर घूम रहा था। इसकी जानकारी जब किशोरी को हुई तो उसने इसकी जानकारी फोन के माध्यम से शिवम की बहन को दी। उसने अपनी बहन के घर से जेवर भी चोरी किए थे।
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शिवम के पास तमंचे की बात सुनकर किशोरी के परिवार के लोग हैरान रह गए। बहन व उसके परिजनों ने शिवम को तलाशने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिल सका। शिवम से फोन पर भी संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। महज बुधवार की दोपहर में एक बार फोन उठाया। उसने खुद को गांव मई में बताया।
परिजनों का कहना है कि उन्हें यह तक नहीं पता चला कि शिवम कब किशोरी के घेर में पहुंच गया और इस घटना का अंजाम दे गया। बताया जा रहा है कि शिवम ने शायद जेवरातों की चोरी इसलिए की थी कि वह घर से भागने की फिराक में था। शिवम ने शायद किशोरी से अपने साथ चलने के लिए कहा, लेकिन जब किशोरी ने इससे इनकार कर दिया तो उसने इस वारदात काे अंजाम दे दिया।
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माता-पिता की मौत के बाद शिवम बचपन से ही बहन के यहां रहता था। शिवम का लालन-पालन बहन ने अपने बच्चे की तरह ही किया था। शिवम ने बहन के घर से जेवर भी चोरी किए थे, लेकिन इसकी भनक परिजनों को कुछ दिन पहले ही लगी थी।