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Hathras News: झिझकीं, ठिठकीं... फिर ऐसा बोलीं कि दंग रह गए सुनने वाले

Mon, 31 Aug 2026 02:11 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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सशक्त बेटी-सुंदर समाज प्रतियोगिता में स्कूटी, लैपटॉप, टेबलेट व साइकिल विजेता बेटियां। संवाद - फोटो : Samvad
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रविवार को कस्बे के एक बैंक्विट हॉल में आयोजित सशक्त बेटी, सुंदर समाज कार्यक्रम में जेन जी और अल्फा में शामिल बेटियों को मंच मिला तो वह पहले झिझकीं, ठिठकीं.. कुछ के कदम भी कांपे लेकिन जब बोलना शुरू किया तो सुनने वाले भी दंग रह गए। आयुषी गुप्ता ने कहा जंतर-मंतर में जेन जी ने जो किया वह वास्तव में युवा शक्ति का दिशाहीन प्रदर्शन था।
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आयुषी ने बोलीं- मैं लड़की हूं लेकिन लड़ाका भी हूं..। मेरे पिता नहीं हैं। मेरी मां पढ़ाने में असमर्थ हैं इसलिए अपनी मौसी के पास रहकर के पढ़ रही हूं । शिक्षा वास्तव में हमारा मनोबल बढ़ाती है। प्रतिज्ञा ने कहा, बेटियों के लिए पाबंदियां समाप्त हो रही हैं। अभिभावक अच्छी शिक्षा दिलवाकर आगे बढ़ा रहे हैं। हालांकि कुछ अभिभावक ऐसे भी हैं जो पुरातनपंथी धारणाओं का पालन करते हुए बेटियों को आगे बढ़ाने के विरोधी हैं ।
अंशिका पुंडीर ने कहा कि सोशल मीडिया ज्ञान का एक बहुत बड़ा प्लेटफार्म है। हम उसकी अच्छाई के स्थान पर बुराई वाले भाग पर ज्यादा ध्यान देते हैं। काजल पुंडीर ने कहा कि आज हम खुले मंच से बोल पा रही हैं, यह इस कार्यक्रम की उपलब्धि है।
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स्वतंत्रता और स्वच्छंदता में फर्क समझें बेटियां : जय सिंह
सिकंदराराऊ। बेटियों को स्वतंत्रता और स्वच्छंदता का फर्क समझना चाहिए। संविधान हमें स्वतंत्रता प्रदान करता है, जिसको हमने स्वच्छंदता में परिवर्तित कर लिया है। स्वतंत्रता का अर्थ समझकर हमें अपने विषय में स्वतंत्र नियम कानून बनाने पड़ेंगे और स्वयं पालन करना पड़ेगा, तब स्वतंत्रता का असली शब्द अर्थ निकल आएगा। यह बात कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महोबा के जिला जज जय सिंह पुंडीर ने कही।आईआरएस अधिकारी अमरपाल सिंह लोधी ने कहा कि जो बेटियां अच्छी नौकरियों के लिए प्रयास करना चाहती हैं वह उनसे संपर्क करें। उनकी कोचिंग सहित आगे के मार्गदर्शन का पूरा प्रबंध वह करेंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गोविंद ने कहा कि आज बेटियां आगे आकर ऐसे कार्य कर रहीं हैं जिनके बारे में कभी सोचा भी नहीं जा सकता था। आयोजक उदय पुंडीर ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य बेटियों को नई दिशा की तरफ अग्रसर करना है। बेटियां शिक्षित और स्वतंत्र होगी तभी समाज की भलाई के लिए काम कर सकेंगी। संवाद



ये रहे मौजूद
आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक जगदीश, देवेंद्र राघव, मुकेश चौहान, सुरेंद्र सिंह पुंढीर, देवेंद्र शूल, गिरीश मोहन गुप्ता, कमलेश शर्मा, पुष्पेंद्र पुंढीर, केके कौशिक, श्वेता गुप्ता, धर्मेंद्र त्यागी, देवेश शर्मा, प्रशांत शर्मा, यशवीर बघेल, मानपाल लोधी, चित्रांश परमार, विक्रम सिंह, राजीव पुंढीर, शनि भारद्वाज, सुशील राघव, संतोष पुंढीर, केपी सिंह। संचालन डॉ. सुनील पुंढीर और डॉ. उपेंद्र ने किया।
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