सफलता का रास्ता सुविधाओं से नहीं, बल्कि मेहनत, लगन और अटूट संकल्प से होकर गुजरता है, इस कथन को सच साबित कर रही हैं हाथरस की डिस्कस थ्रो (चक्का फेंक) खिलाड़ी शालू शर्मा। सीमित संसाधनों के बावजूद शालू अपने शानदार प्रदर्शन और निरंतर अभ्यास के दम पर खेल जगत में अपनी पहचान बनाने में जुटी हैं।
शालू का पूरा दिन खेल के मैदान में बीतता है। सुबह से शाम तक निरंतर अभ्यास के साथ वह अपनी तकनीक को निखारने में लगी रहती हैं। जहां अधिकतर लोग आराम करते हैं, वहीं शालू अपने थ्रो को बेहतर बनाने के लिए पसीना बहाती हैं। हर दिन वह अपने ही पिछले प्रदर्शन को पीछे छोड़ने का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरती हैं।
शालू शर्मा का कहना है कि सुविधाओं की कमी उनके हौसलों को कमजोर नहीं कर सकती। उनका सपना है कि वह राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपने परिवार, हाथरस और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करें।
वर्तमान में शालू वरिष्ठ खेल कोच अंसार हुसैन के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। कोच अंसार हुसैन उनकी तकनीक, फिटनेस और थ्रोइंग क्षमता को लगातार सुधारने में जुटे हैं। उनका कहना है कि शालू अत्यंत मेहनती और अनुशासित खिलाड़ी हैं। यदि उन्हें बेहतर सुविधाएं और मंच मिले, तो वह राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।