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Hathras News: प्रमुख चौराहों पर पीने के पानी का जबरदस्त संकट

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बस स्टैंड सादाबाद पर गर्मी में पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं। संवाद - फोटो : Samvad
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भीषण गर्मी में ग्रामीण इलाकों और प्रमुख चौराहों पर पेयजल का संकट गहराने लगा है। सादाबाद और सासनी के व्यस्ततम चौराहों पर राहगीरों को एक-एक बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। कहीं हैंडपंप खराब हैं तो कहीं दूषित पानी निकल रहा है, जिसके चलते लोग पानी की बोतलें खरीदने को मजबूर हैं।
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सादाबाद के विनोबा नगर चौराहा और मथुरा अड्डा तिराहा तहसील के सबसे व्यस्त इलाकों में शुमार हैं। यहां से रोजाना हजारों यात्रियों और ग्रामीणों का आवागमन होता है। यही हाल सासनी के कोतवाली चौराहे का है। यहां लगे सरकारी हैंडपंप महज शोपीस बनकर रह गए हैं। राहगीरों ने बताया कि इन हैंडपंपों से बेहद पीला और दूषित पानी निकल रहा है, जो पीने योग्य नहीं है। दूषित पानी के सेवन से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। यही हाल सहपऊ का है, यहां मुख्य चौराहे पर हैंडपंप खराब है।




केस नंबर-1

सादाबाद-विनोबा नगर चौराहा
विनोवा नगर चौराहे पर रोडवेज बसों से लगातार यात्रियों का आना-जाना रहता है। यहां से प्रतिदिन करीब 1500 से 2000 लोग गुजरते हैं। यहां एक भी हैंडपंप नहीं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां एक आरओ वॉटर प्लांट लगाया जाए, ताकि शुद्ध पानी मिल सके।
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केस नंबर-2

सादाबाद मथुरा अड्डा तिराहा
मथुरा अड्डा तिराहा स्थित चौ.चरण सिंह स्मारक के पास भी यही स्थिति है। यहां खराब हैंडपंपों को हाल ही में ठीक कराया गया है, जिससे कुछ राहत जरूर मिली है। पानी खारा होने के कारण पीने योग्य नहीं है, लोगों को पानी खरीदना पड़ता है। इस तिराहे से बल्देव, मथुरा, बिसावर जाने वाले करीब 1200 राहगीर गुजरते हैं।




केस नंबर 3
बिसावर- मीरपुर झगरार चौराहा
बिसावर के मीरपुर झगरार चौराहे से राया, सादाबाद के साथ करीब 25 गांवों के लोग गुजरते हैं। इस चौराहे पर प्रतिदिन करीब 700 से 800 लोग उतरते व चढ़ते हैं। यहां एक हैडपंप है, जो लंबे समय से खराब है। इसी तरह पल्हावत चौराहे पर भी सड़क किनारे पेड़ के नीचे लगा हैंडपंप खराब है।




केस नंबर-4
सहपऊ का धर्मशाला चौराहा
इस चौराहे से प्रतिदिन करीब 1500 लोग सादाबाद, जलेसर और एटा आते-जाते हैं। चौराहे पर ही बाजार भी है। यहां पर लगे तीन हैंडपंप खराब हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार हैंडपंप सही कराने के लिए नगर पंचायत से कहा, लेकिन अभी तक सही नहीं हो सके हैं।




केस नंबर 5
सासनी का कोतवाली चौराहा
इस चौराहे से प्रतिदिन आगरा, अलीगढ, हाथरस, इगलास, जलेसर, विजयगढ़ और नानऊ की ओर से जाने वाले करीब 3500 लोग गुजरते हैं। हैरानी की बात यह है कि इस चौराहे पर महज दो हैंडपंप हैं। दोनों से पीला पानी आ रहा है। गंदा पानी किसी की भी प्यास नहीं बुझा पा रहा है।
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खराब हैंडपंप को सही कराने के लिए कई बार कहा है, लेकिन कोई नहीं सुनता है। गर्मी में सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
अकरम खान, सहपऊ।
मीरपुर चौराहे पर एक हैंडपंप है, वह भी खराब है। गर्मी में तो हलक ही सूख जाता है। पैसा खर्च कर पानी की बोतल खरीदते हैं।
रवींद्र कुमार, मीरपुर।
राया रोड पर पेड़ के नीचे एक ही हैंडपंप है, जो खराब है। यहां पर लोग वाहनों का इंतजार करते हैं। पानी नहीं होने से परेशानी है।
प्रवीण चौधरी, पल्हावत।
कोतवाली के बाहर लगे दोनों हैंडपंपों से जंग वाला पानी आता है। मजबूरन पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ती है। बड़ी समस्या है।
बनी सिंह, बरसै।


गर्मी में पेयजल का इंतजाम कराने के लिए संबंधित तहसीलों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं। सभी हैंडपंप दुरुस्त कराए जाएंगे।
अतुल वत्स, डीएम।
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