परीक्षा देने के बाद परीक्षा केंद्र से बाहर निकलती छात्राएं।
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यूपी बोर्ड परीक्षा का महाकुंभ मंगलवार से शुरू हो गया। मंगलवार को पहले दिन जिले के 98 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में हुई हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा बेहद सख्ती के बीच संपन्न हुई। जिला प्रशासन के नकल रोकने के इंतजाम भी यहां प्रभावी दिखाई दिए। अधिकांश केंद्रों पर परीक्षा के दौरान सन्नाटा पसरा रहा। पहले ही दिन ही हाईस्कूल के 1226 और इंटर के 5733 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
मंगलवार की सुबह की पाली में हाईस्कूल की गृह विज्ञान की परीक्षा में कुल 7446 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 6220 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। 1226 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। इसके अलावा सुबह साढ़े सात बजे से ही इंटरमीडिएट की हिंदी के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा हुई। इस परीक्षा में कुल 3084 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 498 अनुपस्थित रहे।
दूसरी पाली में दोपहर दो बजे से हुई इंटरमीडिएट की सामान्य हिंदी के प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा में कुल 27073 परीक्षार्थियों में से 21838 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। 5235 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। परीक्षा के दौरान सचल दल और प्रशासनिक अधिकारी परीक्षा केंद्रों का जायजा लेते रहे। परीक्षा केंद्रों के अंदर आंतरिक और बाहरी सचल दलों ने भी परीक्षार्थियों की तलाशी ली। केंद्रों के बाहर पुलिस कर्मी भी तैनात रहे। कई केंद्रों के बाहर जुटे लोगों को परीक्षा केंद्र से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी गई। इससे नकल माफियाओं के मंसूबे भी ध्वस्त हो गए। परीक्षा केंद्रों के अंदर बोल बोलकर नकल कराने की परंपरा भी अधिक कारगर साबित नहीं हो सकी।
गौरतलब हो कि अबकी बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में कुल 64475 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें हाईस्कूल के कुल परीक्षार्थियों की संख्या 33813 और इंटरमीडिएट के कुल परीक्षार्थियों की संख्या 30662 है। सभी क्रेंद्रों पर 98 केंद्र व्यवस्थापकों की तैनाती की गई है। 42 पर्यवेक्षक और तीन हजार कक्ष निरीक्षक, 18 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 72 स्टैटिक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है। निरीक्षण के लिए छह सचल दल भी बनाए गए हैं।