तालाब रेलवे फाटक का बूम टूटने के बाद लगा जाम।
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तालाब चौराहा रेलवे फाटक पर रविवार दोपहर को फाटक बंद करने के दौरान तेज रफ्तार में निकलने की जल्दबाजी में एक मेटाडोर फाटक से जा टकराई और फाटक टूटकर आगे एक रिक्शे के पास जा गिरा। इस रिक्शे में एक मासूम और उसकी मां सवार थीं। बड़ा हादसा होने से तो बच गया, लेकिन इससे बौखलाए गेटमैन ने मेटाडोर चालक को धुन डाला। फाटक सही कराने में कई घंटे लग गए।
तालाब चौराहे पर ट्रेन के आने से पहले फाटक बंद करना गेटमैन के लिए काफी मुश्किल हो जाता है। कई बार चालक जल्दबाजी में निकलने के लिए अपने वाहनों को फाटक के बीच में फंसा देते हैं। ट्रैक पर इन बड़े वाहनों के पहुंच जाने पर गेटमैन को इन्हें फाटक से पार कराना पड़ता है।
यही वजह रही कि रविवार दोपहर को मेटाडोर चालक ने भी फाटक बंद होने के दौरान अपनी मेटाडोर फाटक के नीचे फंसा दी। फाटक मेटाडोर से बिल्कुल सटा हुआ था। गेटमैन ने बिना कुछ सोचे-समझे मेटाडोर को दौड़ा दिया, जिससे मेटाडोर से टकराकर फाटक थोड़ा दूर ट्रैक पर जाकर गिरा। हादसे में एक बच्चा समेत कुछ लोगों के बचने से हंगामा हो गया।
अगर ऐसे में ट्रेन ट्रैक पर आ जाती तो निश्चित ही बड़ा हादसा हो सकता था। मेटाडोर चालक की धुनाई के बाद उसे जाने दिया गया, लेकिन टूटे फाटक को सही कराने में रेलवेकर्मी काफी देर जुटे रहे और इस कारण लोगों को भी काफी परेशानी हुई। दिनभर फाटक की खराबी के कारण जाम से जूझे लोगों को शाम को कई ट्रेनों की क्रॉसिंग के कारण बार-बार फाटक बंद होने पर जाम से जूझना पड़ा। मालूम हो कि शनिवार और रविवार को कई साप्ताहिक ट्रेनें यहां से गुजरती हैं। देर शाम तक फाटक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही।