शासन ने अब वृद्धावस्था पेंशन के आवेदनों के सत्यापन के लिए ''जन्म संबंधी साक्ष्य'' को अनिवार्य कर दिया है। इस क्रम में अप्रैल 2024 से लंबित पड़े करीब सात हजार आवेदनों को शासन स्तर से वापस पोर्टल पर भेजा जाएगा। जब तक आवेदक उम्र की पुष्टि के लिए ठोस दस्तावेज अपलोड नहीं करेंगे, उनकी पेंशन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
पेंशन के लिए उम्र के सत्यापन के नियम अब और सख्त कर दिए गए हैं। शासन के इस फैसले से उन बुजुर्गों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जो पिछले दो साल से अपनी पेंशन स्वीकृत होने की राह देख रहे थे। विभाग के अनुसार इन सभी आवेदनों को सुधार के लिए वापस भेजा जा रहा है।
संबंधित आवेदक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आवेदन वापस होने का मेसेज भेजा जाएगा। इसके बाद आवेदक को उसी जन सेवा केंद्र पर जाना होगा, जहां से उन्होंने आवेदन किया था, ताकि वहां जन्म संबंधी साक्ष्य दोबारा अपलोड किए जा सकें।
दस्तावेजों की नई सूची : क्या होगा अनिवार्य?
- ग्रामीण क्षेत्र के लिए : आवेदकों को परिवार रजिस्टर की नकल या अन्य महत्वपूर्ण शैक्षिक दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
- शहरी क्षेत्र के लिए : शहरी आवेदकों के लिए पैन कार्ड, शैक्षिक प्रमाणपत्र के साथ-साथ शासन द्वारा दिए गए अन्य विकल्प मान्य होंगे।
150 नए आवेदनों को पोर्टल पर वापस किया
जिला समाज कल्याण अधिकारी सरिता सिंह ने बताया कि प्राप्त हुए करीब 150 नए आवेदनों को फिलहाल पोर्टल पर ही वापस कर दिया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि आवेदक स्वयं ही अपने जन्म संबंधी साक्ष्य अपलोड कर दें, जिससे भविष्य में उनके आवेदन में कोई तकनीकी बाधा न आए।
पेंशन के लिए अब जन्म संबंधी साक्ष्य अपलोड करना अनिवार्य है। इस क्रम में पुराने आवेदनों को पोर्टल पर वापस भेजा जा रहा है। आवेदकों से अपील है कि वे मेसेज मिलते ही जन सेवा केंद्र के माध्यम से निर्धारित साक्ष्य अपलोड कराएं, ताकि पेंशन की धनराशि जारी की जा सके।
-सरिता सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी