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दो सगे भाईयों के हत्यारे पिता-पुत्र को सुनाई उम्र कैद की सजा

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दो सगे भाइयों के हत्यारे पिता-पुत्र को उम्र कैद की सजा
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दूसरे पक्ष के तीन भाइयों को भी माना हमले का दोषी, पांच-पांच साल की सुनाई कैद की सजा
सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव आलमपुर में आपसी कहासुनी में हुई थी हत्याएं और हमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। सिकंदराराऊ के गांव आलमपुर में 14 साल पहले कहासुनी को लेकर हुई दो हत्या और हमले के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। दोहरे हत्याकांड के एक मामले में न्यायालय ने आरोपी पिता-पुत्र को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। दूसरे पक्ष को भी न्यायालय ने पांच साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव आलमपुर निवासी लाल सिंह ने थाना सिकंदराराऊ में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए यह कहा कि 13 फरवरी 2005 को उसके छोटे भाई दुर्जन सिंह की लड़की खूबश्री की गोद भराई हुई थी। गोद भरने में जेवर ,कपड़ा और घड़ी दी गई थी। 14 फरवरी को उसकी भतीजी खूबश्री खेत पर गई थी तो वहां गांव का विजेंद्र पुत्र नत्थू सिंह मिला और उसने उसकी भतीजी पर घड़ी बांधने को लेकर फब्ती कसी। यह बात खूबश्री ने घर आकर बताई।
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इस पर 15 फरवरी 2005 को दुर्जन सिंह ने नत्थू सिंह के यहां जाकर शिकायत की। इस मामले को लेकर नत्थू सिंह और दुर्जन सिंह में कहासुनी हो गई। तभी नत्थू सिंह ने अपने लड़के विजेंद्र से बंदूक लेकर आने को कहा। अभियोजन पक्ष के अनुसार विजेंद्र अपने लाइसेंसी बंदूक लेकर आ गया। विजेंद्र व नत्थू सिंह छत पर चढ़ गए और अंधाधुंध फायरिंग की। फायरिंग में दुर्जन सिंह व उसके भाई चोब सिंह की मौत हो गई। इनका तीसरा भाई भी घायल हो गया। घटना की रिपोर्ट विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
एडीजीसी हरिओम शर्मा ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश आशीष जैन ने इस मामले में अभियुक्त नत्थू सिंह व विजेंद्र सिंह को दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में दूसरे पक्ष की ओर से भी रिपार्ट दर्ज कराई गई थी। यह रिपोर्ट राजेश उर्फ राजवती ने दर्ज कराई थी। इसमें उसने कहा था कि 14 फरवरी 2005 को गांव के ही लेखपाल के बच्चों में आपस में कहासुनी हो गई थी। इस बात को लेकर अगले दिन लेखपाल अपने भाई राधे, रामू, लाल सिंह व पदम सिंह को बुलाकर हाथ में असलहे आदि लेकर आया और इन लोगों ने घर में घुसकर फरसे आदि से हमला किया।
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इससे राजवती के काफी चोट आई। यह रिपोर्ट लेखपाल , राधे , लाल सिंह, रामू , पदम सिंह पुत्र गण वीरी सिंह निवासीगण आलमपुर सिकंदराराऊ के खिलाफ दर्ज कराई गई। पुलिस ने इस मामले में भी विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। वाद विचरण के दौरान राधे व लाल सिंह की मौत चुकी है। एडीजीसी हरिओम शर्मा ने बताया कि शेष तीनों आरोपियों लेखपाल , रामू और पदम सिंह को एडीजे प्रथम आशीष जैन दोषी मानते हुए पांच-पांच साल के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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