कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक लेतीं डीएम, एसपी। स्रोत : सूचना विभाग
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जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मेंकानून व्यवस्था एवं अभियोजन कार्यों की समीक्षा की। डीएम ने भूमि विवाद निस्तारण, आपसी रंजिश, अपराध रोकथाम, विवेचना निस्तारण, गुंडा एक्ट और जिला बदर आदि की समीक्षा करते हुए दोषियों को अधिकतम सजा दिलाने के निर्देश दिए। दर्ज मामलों के निस्तारण की प्रगति संतोषजनक न होने पर डीएम ने लंबित मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों का नमूना असुरक्षित मिलने पर संबंधित कारोबारी का लाइसेंस रद कर दिया जाए और दुकान को सील कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न, पॉक्सो एक्ट, हत्या, दुष्कर्म, अपहरण और दहेज प्रथा आदि प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई की जाए। पॉक्सो अधिनियम के मामलों पर विशेष ध्यान देते हुए इन्हें शीघ्र निस्तारित कराएं। आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाएं।उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को धारा 133 के तहत दर्ज मामलों का मौका मुआयना करते हुए निस्तारित करने के निर्देश दिए।
आगामी त्योहारों के दृष्टिगत जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को संबंधित उप जिलाधिकारी व क्षेत्राधिकारी पुलिस से समन्वय स्थापित करते हुए खाद्य की दुकानों की जांच अभियान चलाकर करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक देवेश कुमार पांडेय ने सभी सीओ व थानाध्यक्षों को निर्देश दिए कि जघन्य अपराधों में लिप्त अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। जिन अपराधियों को छह माह के लिए जिला बदर किया गया है, वह छह माह तक जिले से बाहर रहें, यह व्यवस्था सभी थानाध्यक्ष सुनिश्चित करेंगे।