मुजफ्फरनगर पुलिस गांव टिमरली निवासी मोहित को ठगी के मामले में पकड़ने के लिए पहुंची थी। मोहित के परिजनों का आरोप है कि कुछ सादा कपड़े पहने लोग और कुछ पुलिसकर्मी उनके घर की छत से आंगन में कूद गए और कुछ पुलिसकर्मी घर के दरवाजे से जबरन भीतर घुस गए।
हाथरस में मुरसान क्षेत्र के गांव टिमरली में एक युवक ठगी के मामले में पकड़ने आई मुजफ्फरनगर पुलिस के साथ ग्रामीणों की धक्का-मुक्की हो गई, जिससे गांव में अच्छा-खासा हंगामा खड़ा हो गया। मौके पर पहुंची मुरसान पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया, जिसके बाद मुजफ्फरनगर पुलिस युवक को अपने साथ ले जा सकी।
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मुजफ्फरनगर पुलिस 5 फरवरी की रात करीब साढ़े नौ बजे गांव टिमरली निवासी मोहित को ठगी के मामले में पकड़ने के लिए पहुंची थी। मोहित के परिजनों का आरोप है कि कुछ सादा कपड़े पहने लोग और कुछ पुलिसकर्मी उनके घर की छत से आंगन में कूद गए और कुछ पुलिसकर्मी घर के दरवाजे से जबरन भीतर घुस गए। आरोप है कि पुलिस परिवार के लोगों से अभद्र व्यवहार करते हुए मोहित को खींचकर ले जाने लगी।
जब परिजनों ने पुलिस से मोहित को पकड़ने की वजह पूछी तो पुलिस ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इस दौरान परिवार के लोगों से पुलिस की नोकझोंक होने लगी। हंगामा होते देख बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और पुलिस के व्यवहार का विरोध करने लगे। इस दौरान लोगों की पुलिस से धक्का मुक्की हो गई। मौके पर मुरसान पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया।
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इसके बाद ग्रामीण मुरसान कोतवाली पहुंच गए। वहां उन्हें मुजफ्फरनगर पुलिस ने बताया कि ठगी के एक मामले में पूछताछ के लिए मोहित को मुजफ्फरनगर ले जाया जा रहा है। सीओ सादाबाद हिमांशु माथुर का कहना है कि धोखाधड़ी के मामले में मुजफ्फरनगर पुलिस युवक को लेने आई थी। वहां धक्का-मुक्की जैसी कोई घटना नहीं हुई है।