फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ा रहे स्कूल

Wed, 13 Apr 2016 12:09 AM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
हाथरस। शहर के ज्यादातर स्कूल हाईकोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं। एक अभिभावक ने इस संबंध में स्कूल प्रशासन से विरोध जताया है। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश की प्रति स्कूल के प्रिंसिपल को सौंपते हुए कहा है कि अगर एक महीने की फीस वापस नहीं की गई तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
विज्ञापन


मालिन वली गली निवासी आशीष वार्ष्णेय का बेटा पांचवीं कक्षा का छात्र है। उनका आरोप है कि स्कूल ने उनसे सालभर की फीस ली है। जमा करने वाले अभिभावकों को 12 महीने की फीस की रसीद भी दी जा रही है जबकि हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक स्कूल 11 महीने की फीस ही ले सकते हैं। गर्मियों की छुट्टी के एक महीने की फीस लेना गैर कानूनी है। आशीष का यह भी कहना है कि उन्हें एक निर्धारित दुकान से ही किताबें खरीदने को बाध्य किया गया। पैरेंट्स मीटिंग में उन्हें एक स्लिप थमाई गई जिस पर दुकान का नाम छपा था और नीचे किताबें खरीदने पर आकर्षक उपहार देने की बात भी लिखी थी। इस दुकानदार से विवाद के बाद उन्हें बची किताबें नहीं मिल रही। दूसरा दुकानदार पूरा सैट बेचने की जिद पर अड़ा है जबकि उन्हें केवल दो किताबें चाहिए। आशीष ने स्कूल से पूछा है कि शेष दो किताबें वह कहां से खरीदे। हालांकि इस संबंध में स्कूल की प्रिंसिपल ने साफ कि या है कि उन्होंने किसी दुकानदार को किताबें बेचने के लिए निर्धारित नहीं किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें