हाथरस। गर्मी बढ़ते ही संक्रमण फैलना शुरू हो गया है। डायरिया से लेकर वायरल फीवर जैसे रोग लोगों पर अपना शिंकजा कस रहे हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण बच्चे इन रोगों की चपेट में अधिक आ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों से लेकर प्राइवेट अस्पतालों में रोजाना सैकड़ों की संख्या में मरीज और उनके तीमारदार उपचार कराने आ रहे हैं।
अप्रैल की शुरूआत से ही गर्मी बढ़ने लगी है। शहर से लेकर कस्बों और गांव में संक्रामक रोग फैलना शुरू हो गए हैं। लोग स्वास्थ्य को लेकर काफी चिंतित हैं। सबसे अधिक असर बच्चों पर हो रहा है। बच्चों में सबसे अधिक उल्टी, दस्त, बुखार और सर्दी होने की शिकायतें आ रही हैं, तो दूसरी तरफ बड़े और वृद्ध लोगों को खांसी जुकाम और पेट दर्द की शिकायत अधिक हो रही है। जब शहर के कई प्राइवेट और सरकारी हॉस्पिटल का जायजा लिया गया तो अस्पतालों के वार्डों में बच्चे और उनके तीमारदार बड़ी संख्या में उपचार हेतु भर्ती थे। काफी बच्चों को ड्रिप तक चढ़ाई जा रही थी। चिकित्सकों के पास मरीजों की काफी भीड़ लगी हुई थी। मरीजों के तीमारदारों के चेहरे पर भी परेशानी के भाव साफ नजर आ रहे थे। एक एक दिन में दवाओं में हजारों रुपए का खर्चा उन्हें झेलना पड़ रहा था।
- मौसमी बीमारियों ने जकड़ लिया है। सर्दी, जुकाम से पीड़ित हैं। दवा भी कई कई दिन तक असर नहीं कर रही।
- साबिर अली, श्रीनगर
- इलाज के लिए काफी दूर से आना पड़ता है, लेकिन दवा खाने के बाद भी मर्ज कम नहीं हो रहा।
- विजय, भीमपुर, सिकंदराराऊ
- एक-एक दिन में दवा पर सैकड़ों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा।
- मस्सो, करौला
संक्रामक बीमारियों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग को कड़े कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
- मुकेश, मुरसान गेट
संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता रखी गई है। सीएचसी पर कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं।
- डॉ. रामवीर सिंह, सीएमओ हाथरस