टिटनेश व डिप्थीरिया टीकाकरण अभियान की तरह अब मंगलवार से 10 दिवसीय मीजल्स-रूबेला (एमआर) अभियान की शुरूआत की गई है, लेकिन पहले की तरह इस अभियान में भी स्कूल संचालक अभिभावकों का हवाला देकर टीका लगवाने में असमर्थता जता रहे हैं। इनमें शहर के काॅन्वेंट स्कूलों के साथ-साथ कुछ सरकारी विद्यालय भी शामिल हैं।
शासन के निर्देशों के क्रम में 18 से 28 अगस्त तक यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें कक्षा एक से पांच तक के समस्त स्कूल जाने वाले बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डाॅ. एमआई आलम ने बताया कि टीकाकरण दिवस बुधवार व शनिवार को छोड़कर शेष दिनों में स्कूलों में टीके लगाए जाएंगे। इनमें वे स्कूल व बच्चे शामिल किए गए हैं, जो पिछले अभियान में छूट गए थे। डीआईओ ने हसायन के गांव भैंकुरी में प्राथमिक विद्यालय से अभियान की शुरूआत की।
कई स्कूल संचालकों ने अभिभावकों की अनुमति न होने का हवाला देते हुए एमआर की बूस्टर डोज लगाने में असमर्थता जताई है। स्वास्थ्य विभाग अब ऐसे स्कूलों की लिस्ट तैयार कर रहा है। साथ ही सभी ब्लॉक के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इन स्कूलों के प्रबंधक व प्रधानाचार्यों से समन्वय कर बूस्टर डॉज लगवाएं। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने डीआईओएस व बीएसए को भी पत्र लिखे हैं।
यू-विन पोर्टल से निगरानी
अभियान पर शासन स्तर से यू-विन पोर्टल के जरिये निगरानी रखी जा रही है, इसलिए टीकाकृत समस्त बच्चों की जानकारी यू-विन पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। अभिभावक अपने मोबाइल नंबर के जरिये टीकाकरण प्रमाणपत्र पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं।