सिकंदराराऊ तहसील के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में दो वर्ष पहले हुए भीषण सत्संग हादसे में इंसाफ की लड़ाई न्यायालय में लगातार जारी है। दो जुलाई 2024 को साकार विश्व हरि भोले बाबा के सत्संग के दौरान मची भगदड़ में 121 मासूम जिंदगियों की मौत हो गई थी। आज इस हादसे को पूरे दो साल बीत चुके हैं।
संयोग से दो जुलाई को ही इस मामले में कोर्ट में अगली सुनवाई की तिथि नियत है। फिलहाल यह पूरा मामला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-1 के न्यायालय में विचाराधीन है, जहां आरोपों पर बहस चल रही है। अब तक इस मामले में 65 तारीखें पड़ चुकी हैं और 30 लोगों की गवाही दर्ज की जा चुकी है।
3200 पन्नों की चार्जशीट और 676 प्रत्यक्षदर्शी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गहन तफ्तीश के बाद एक अक्तूबर 2024 को न्यायालय में करीब 3200 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया था। इसमें पुलिस ने कानूनी कार्रवाई को मजबूत करने के लिए 64 मुख्य गवाह बनाए हैं, जबकि घटना से जुड़े 676 प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए हैं।
ऐसा हुआ था यह दर्दनाक हादसा सिकंदराराऊ से करीब छह किलोमीटर दूर गांव फुलरई मुगलगढ़ी में साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा का सत्संग आयोजित किया गया था। दोपहर करीब दो बजे जैसे ही सत्संग समाप्त हुआ और मुख्य प्रवचनकर्ता सूरजपाल उर्फ भोले बाबा अपनी गाड़ी में सवार होकर निकलने लगे, तो श्रद्धालुओं में उनकी गाड़ी के मार्ग से धूल (चरण रज) समेटने की होड़ मच गई। लाखों की भीड़ के भारी दबाव के कारण नीचे झुके और बैठे श्रद्धालु एक-दूसरे के नीचे दबने और कुचलने लगे। देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई और 121 लोगों की मृत्यु हो गई। इस मामले में मुख्य सेवादार देव प्रकाश मधुकर व अन्य सहयोगियों के खिलाफ प्राथमिक दर्ज कराई गई थी।
अनुमति 80 हजार की, जुटे ढाई लाख से ज्यादा श्रद्धालु
आयोजकों पर आरोप है कि उन्होंने प्रशासन से केवल 80 हजार श्रद्धालुओं के जुटने की अनुमति ली थी और पूर्ववर्ती कार्यक्रमों की लाखों की भीड़ की सच्चाई को छुपाया, जबकि मौके पर 2.50 लाख से अधिक लोग पहुंच गए थे, जिससे पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई।
11 आरोपी हुए थे गिरफ्तार, सभी जमानत पर, एक की मौत
पुलिस ने मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर, मेघ सिंह, मुकेश कुमार, मंजू देवी, मंजू यादव, राम लड़ेते, उपेंद्र सिंह, संजू कुमार, राम प्रकाश शाक्य, दुर्वेश कुमार और दलवीर सिंह सहित कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में ये सभी जमानत पर बाहर हैं। पिछले वर्ष जेल से बाहर आने के बाद एक आरोपी दुर्वेश कुमार (निवासी मैनपुरी) की मृत्यु हो चुकी है।
बाबा को क्लीन चिट और सुरक्षा में बड़ी चूक का खुलासा
हादसे के बाद प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी और न्यायिक जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस की जांच को सही ठहराया है, लेकिन मुख्य प्रवचनकर्ता सूरजपाल उर्फ भोले बाबा को क्लीन चिट दे दी थी। आयोग ने बाबा सहित सभी घायलों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए थे। आयोग की रिपोर्ट में यह भी साफ हुआ कि भीड़ के अनुमान को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गंभीर विरोधाभास था।
हादसे पर खूब गरमाई थी सूबे की सियासत
हादसे पर सूबे की सियासत भी खूब गरमाई थी। हादसे के तुरंत बाद तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक समेत दो मंत्री, मुख्य सचिव और डीजीपी हाथरस पहुंचे थे। अगले ही दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं घटना स्थल का दौरा किया था। इसके अलावा राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी हाथरस पहुंचकर पीड़ितों व घायलों का दर्द साझा किया था।