सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि के पिछले वर्ष 2 जुलाई को सिकंदराराऊ के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में आयोजित सत्संग के बाद भगदड़ मच गई थी। इसमें 121 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 250 लोग घायल हुए थे।
हाथरस की अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक महेंद्र श्रीवास्तव के न्यायालय में 21 मई को सत्संग हादसे के मामले में अभियुक्त पक्ष की ओर से दाखिल उन्मोचन (आरोपों से मुक्ति) के प्रार्थना पत्र पर बहस हुई। बहस बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने की। अब इस मामले में चार जून को अगली सुनवाई होगी। सत्र न्यायाधीश के न्यायालय से सत्संग हादसे की पत्रावली स्थानांतरित होकर अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक महेंद्र श्रीवास्तव के न्यायालय में पहुंच गई है।
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उल्लेखनीय है कि सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि के पिछले वर्ष 2 जुलाई को सिकंदराराऊ के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में आयोजित सत्संग के बाद भगदड़ मच गई थी। इसमें 121 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 250 लोग घायल हुए थे।
न्यायालय में पुलिस ने इस मामले में 11 आरोपियों के विरुद्ध 3200 पेज का आरोपपत्र दाखिल किया था। इस मामले में पुलिस ने 676 गवाह बनाए हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर, मेघ सिंह, मुकेश कुमार, मंजू देवी, मंजू यादव, राम लड़ेते, उपेंद्र सिंह, संजू कुमार, रामप्रकाश शाक्य, दुर्वेश कुमार और दलवीर सिंह को आरोपपत्र में आरोपी बनाया है।