नई व्यवस्था के तहत, मैनुअल स्कैवेंजिंग (हाथ से मैला ढोना या सीवर में उतरना) पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। हालांकि, यदि कोई ऐसी आपात स्थिति उत्पन्न होती है, जब कर्मचारी का सीवर में उतरना अनिवार्य हो जाए, तो उसके लिए पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
हाथरस नगर पालिका परिषद ने सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर अहम निर्णय लिया गया है। अब शहर में बिना पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के किसी भी सफाई कर्मी को सीवर या गहरे नालों में नहीं उतारा जाएगा। इस संबंध में ठेकेदारों को निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति में सफाई कर्मचारी ईओ की अनुमति के बाद सुरक्षा इंतजामों के साथ सीवर में उतरेंगे।
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देशभर में सफाई करने के लिए सीवर में उतरे सफाईकर्मियों की मौत की घटनाएं होती रही हैं। इसके चलते कानूनन किसी भी व्यक्ति को बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर लाइन या सेप्टिक टैंक में उतारना प्रतिबंधित है। सफाई कार्य के लिए मशीनों जैसे हाई प्रेशर जेटिंग और सक्शन मशीन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अब नगर पालिका सफाई कर्मचारियों की इस समस्या पर ध्यान दे रही है।
पालिका जल्द ही आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की एक बड़ी खेप खरीदेगी। सीवर की सफाई के लिए रोबोटिक मशीन खरीदी जाएंगी। 18 लाख रुपये की लगातार से दो सीवर सक्शन व अन्य उपकरण खरीदे गए हैं। इनके अलावा एक सक्शन मशीन खरीदने की तैयारी चल रही है।
सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है। ठेकेदारों को निर्देश दिए गए हैं कि बिना सुरक्षा उपरकणों को कर्मचारियों को गहरे नालों व सीवर में न उतारा जाए। ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीवर के लिए सुरक्षा उपकरण खरीदे गए हैं।अन्य उपकरण भी जल्द खरीदकर सफाई कर्मचारियों को उपलब्ध कराए जाएंगे।-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद हाथरस
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सफाई कर्मियों को मिलेंगे उपकरण
नगर पालिका नियमित व आउट सोर्सिंग पर लगे सफाई मजदूरों के लिए सुरक्षा उपकरण खरीदे जाएंगे। 1000 सेफ्टी जैकेट, 2000 मास्क, 1000 दस्ताने, 100 गमबूट व 100 सेफ्टी हेलमेट खरीदे जाएंगे। इस पर लगभग 3,38,500 रुपये खर्च किए जाएंगे।
आपात स्थिति में अनुमति अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत, मैनुअल स्कैवेंजिंग (हाथ से मैला ढोना या सीवर में उतरना) पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। हालांकि, यदि कोई ऐसी आपात स्थिति उत्पन्न होती है, जब कर्मचारी का सीवर में उतरना अनिवार्य हो जाए, तो उसके लिए पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। इसके बाद सफाई कर्मचारी को सुरक्षा उपकरण के साथ उतारा जाएगा। ठेकेदार को इसके लिए एयर-लाइन रेस्पिरेटर या ब्रीदिंग एपरेटस, फुल बॉडी हार्नेस, सुरक्षा हेलमेट और टॉर्च व वॉकी-टॉकी की व्यवस्था करनी होगी।