मिलावटखोरी के खिलाफ एफडीए का अभियान लगातार जारी है। मंगलवार को टीम ने कई स्थानों पर छापेमारी कर खाद्य वस्तुओं को आठ नमूने संग्रहित किए। इन नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है।
डीओ देवाशीष उपाध्याय के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के बारे में मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी हरींद्र सिंह ने बताया कि स्टेशन रोड हाथरस जंक्शन से मनोज कुमार पुत्र कृष्ण मोहन के यहां से संगम नमकीन, ऑयल मिल चक्की बाजार हाथरस से श्रीराम वाष्र्णेय पुत्र भिखारीदास के यहां से सरसों के तेल और सोयाबीन का नमूना लिया।
खातीखाता से बसंतलाल के यहां से मैदे के लड्डू, सासनी गेट से रामस्वरूप दुबे के यहां से रिफायंड सोयाबीन ऑयल का नमूना लिया। विमल गुप्ता के यहां से साबूदाना और खातीखाना से रामकुमार पुत्र होतीलाल के यहां से सोनपपड़ी के अलावा सासनी गेट से ही एक अन्य दुकान से दलिया का नमूना संग्रहित किया गया। इन नमूनों को जांच के लिए लुखनऊ लैब भेजा गया है। टीम में एफएसओ राकेश कुमार, मुनेंद्र सिंह राना और सुरेश कुमार चौरसिया मौजूद थे।
निरीक्षण में खुली पोल, नियमों का पालन न करने पर फर्म का चालान
हाथरस। खाद्य सुरक्षाधिकारी महावीर सिंह प्रेमी ने सासनी में दो फर्मों का निरीक्षण किया। उन्होने बताया कि ज्योति फूड सेंटर सासनी पर गंदगी और नियमों का पालन न करने पर चालान किया गया। मौके पर सेंटर संचालक न तो पानी की जांच के प्रमाण पत्र दिखा सका और न ही किसी भी कमी का मेडिकल सर्टिफिकेट दिखा सका। मौके पर कर्मचारी खुले हाथों से ही काम करते मिले। प्रोपर तरीके से लाइसेंस भी लगा नहीं मिला। एफएसओ ने बताया कि इन अनियमितताओं की वजह से इस फर्म के लाइसेंस को निरस्त करने की संस्तुति भी की गई है। दूसरी फर्म सासनी कोल्डड्रिंक्स सब्जी मंडी का भी निरीक्षण किया गया। फर्म संचालक वार्षिक रिर्टन के संबंध में जानकारी नहीं दे सका, इस वजह से इसे 14 दिन में दफ्तर में आकर रिर्टन संबंधी कागजात दिखाने के आदेश दिए गए हैं।