नौकरी पेशा और व्यक्तिगत आयकरदाताओं के लिए बिना किसी विलंब शुल्क के वित्त वर्ष का आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि शुक्रवार है। अंतिम तिथि आगे बढ़ने की संभावना नहीं होने के कारण बृहस्पतिवार को शहर के चार्टर्ड अकाउंटेंट और कर अधिवक्ताओं के चैंबरों पर भारी भीड़ देखने को मिली।
सुबह से लेकर देर रात तक सीए दफ्तरों में दस्तावेज की जांच, आय और व्यय का मिलान, टीडीएस कटौती के सत्यापन और ऑनलाइन पोर्टल पर रिटर्न अपलोड करने का काम तेजी से चलता रहा।
टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार इस बार आयकर विभाग ने एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट एआईएस और फॉर्म-26एएस के जरिए करदाताओं के वित्तीय लेनदेन पर पैनी नजर रखी है। सीए दफ्तरों में पहुंचे करदाता अपने फॉर्म-16, बैंक खातों के ब्याज, शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड से हुई कमाई और बचत खातों के विवरण का मिलान कराने में व्यस्त रहे। अंतिम समय में आयकर विभाग का पोर्टल धीमा होने की वजह से कई बार अधिवक्ताओं और सीए को फाइलिंग में तकनीकी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा।
आज के बाद एक से पांच हजार रुपये तक लगेगा जुर्माना
आयकर विभाग द्वारा तिथि बढ़ाए जाने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। जो करदाता निर्धारित समय सीमा के भीतर रिटर्न दाखिल नहीं करेंगे, उन्हें आयकर अधिनियम की धारा 234एफ के तहत 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक का विलंब शुल्क देना पड़ सकता है। इसके अलावा, कर देनदारी पर ब्याज भी देना होगा। इसलिए पेनाल्टी से बचने के लिए तुरंत प्रक्रिया पूरी करें।
विलंब से रिटर्न भरने पर होंगे ये नुकसान
1.पेनाल्टी और जुर्माना : पांच लाख से अधिक आय वालों को 5,000 रुपये और पांच लाख से कम आय वालों को 1,000 रुपये तक की पेनाल्टी देनी होगी।
2. घोटे की भरपाई नहीं : समय पर रिटर्न न भरने पर व्यापार या शेयर बाजार में हुए घाटे को अगले वर्षों में क्लेम करने का अधिकार समाप्त हो जाता है।
3. ब्याज का भुगतान : यदि कोई टैक्स देनदारी बचती है, तो उस पर प्रति माह 1% की दर से अतिरिक्त ब्याज (धारा 234A के तहत) देना होगा।
यह हैं अहम अंतिम तिथियां
-31 जुलाई, व्यक्तिगत व गैर-ऑडिट वाले व्यवसायी : नौकरीपेशा, वेतनभोगी कर्मचारियों, व्यक्तिगत करदाताओं और ऐसे छोटे व्यवसायियों के लिए बिना पेनाल्टी आयकर विवरणी भरने का अंतिम दिन 31 जुलाई है, जिनका खाता ऑडिट होना अनिवार्य नहीं है।
-31 अगस्त, बिना ऑडिट वाले कुछ विशेष व्यवसायी : ऐसे व्यवसायी या साझेदार जिन्हें ट्रांसफर प्राइस की रिपोर्ट नहीं देनी होती और जिनके लिए विशेष परिस्थितियों में छूट-विस्तार रहता है, उनके लिए 31 अगस्त की समय सीमा निर्धारित है।
-31 अक्तूबर, टैक्स ऑडिट वाले मामले : जिन व्यापारियों, कंपनियों या पेशेवरों का वार्षिक कारोबार टर्नओवर निर्धारित सीमा से अधिक है और जिनके लिए खातों का टैक्स ऑडिट कराना अनिवार्य है, उनके लिए आयकर विवरणी फाइल करने की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर है।
अंतिम समय की आपाधापी से बचें, समय रहते भरें आईटीआर।
आयकर विभाग द्वारा रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने की कोई संभावना नहीं है। अक्सर देखा गया है कि करदाता अंतिम दिन या घंटों का इंतजार करते हैं, जिससे सर्वर पर लोड बढ़ने के कारण पोर्टल धीमा हो जाता है और फाइलिंग में परेशानी आती है। निर्धारित तिथि के बाद आयकर विवरणी दाखिल करने पर न केवल 1,000 से 5,000 रुपये तक का विलंब शुल्क देना पड़ेगा, बल्कि टैक्स देनदारी पर ब्याज भी लगेगा। इसके अलावा कई तरह की छूट और नुकसान को क्लेम करने का अधिकार भी खत्म हो जाता है। - मनीष टालीवाल, सीए, हाथरस