नूर मोहम्मद सवारियां लेकर जलेसर रोड गए थे। वहां से वापस आते समय सादाबाद जलेसर मार्ग पर महरारा चौराहा पर उनके ई-रिक्शा में अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर लगने से उनका ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
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सहपऊ क्षेत्र अंतर्गत सादाबाद जलेसर मार्ग पर महरारा चौराहा के पास शनिवार देर शाम एक अज्ञात वाहन की टक्कर से ई-रिक्शा चालक नूर मोहम्मद गंभीर रूप से घायल हो गए। रविवार सुबह चार बजे उनकी मौत हो गई। मृतक के दूसरे बेटे आरिफ की 14 नवंबर को शादी होनी थी, जिससे परिवार में दिवाली और शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
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गांव खाेंडा निवासी 45 वर्षीय नूर मोहम्मद पुत्र मोहम्मद अली ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का गुजारा करते थे। उनके दो बेटी और तीन बेटे हैं, जिनमें से बड़े बेटी और बेटे की शादी हो चुकी है। छोटे बेटे आरिफ की शादी की तैयारियां घर पर चल रही थीं। शनिवार शाम को नूर मोहम्मद सवारियां लेकर जलेसर रोड गए थे। वहां से वापस आते समय सादाबाद जलेसर मार्ग पर महरारा चौराहा पर उनके ई-रिक्शा में अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर लगने से उनका ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। नूर मोहम्मद भी बुरी तरह घायल हो गए थे। उन्हें तुरंत सीएचसी में उपचार के लिए भर्ती कराया गया।
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उपचार के दौरान हुई मोत
सीएचसी में उपचार के दौरान नूर मोहम्मद के सिर में करीब पांच टांके लगे। उनके पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई थीं। उपचार के बाद उन्हें सीएचसी से छुट्टी दे दी गई। मृतक के बड़े बेटे इरफान ने बताया कि चिकित्सालय से आने के बाद उनके पिता ठीक से सो नहीं पाए। रविवार सुबह चार बजे अचानक उनकी तबीयत खराब हुई और आगरा ले जाने की तैयारी करते समय उनकी मौत हो गई।
चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप
इरफान ने सीएचसी पर तैनात चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चिकित्सक ने उनके पिता का ठीक तरह से उपचार नहीं किया। छुट्टी देते समय चिकित्सक ने कहा था कि उनके पिता अब ठीक हैं, फिर सात घंटे बाद उनकी मौत कैसे हो गई। कोतवाली प्रभारी मयंक चौधरी का कहना है कि मृतक का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल पाएगा।