हाथरस। स्वामी विवेकानंद जयंती के मौके पर यूथ फॉर नेशन संस्था के बैनर तले
मंगलवार को पीसी बागला कॉलेज से मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। इस दौड़
में शहर, कस्बों व गांव के सैकड़ों युवाओं ने सहभागिता की।
मैराथन का
शुभारंभ बागला महाविद्यालय से पुलिस अधीक्षक डा. एस चेन्नप्पा ने हरी झंडी
दिखाकर किया। उन्होंने युवा शक्ति से स्वामी जी के विचारों को आत्मसात करने
का आह्वान किया। उन्हाेंने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल आध्यात्मिक संत
ही नहीं, राष्ट्रीय और मानवीय मूल्यों के भी उपासक थे, जिनकी आज भी उतनी ही
प्रासंगिकता है, जितनी उनके जीवन काल में थी।
मैराथन शहर के विभिन्न
मार्गों से होकर एमजी पॉलीटेक्निक संस्थान के मैदान में पहुंचकर संपन्न हो
गई। यहां संगठन के संयोजक बैरिंदम गुणाकर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद
साहस, सेवा, शक्ति और समर्पण की प्रतिमूर्ति थे। दरिद्र को नारायण बताकर
पूजा करने की प्रेरणा देने वाले महात्मा थे, जो भारत को एक भूमि का टुकड़ा
नहीं, बल्कि जीती जागती मां मानते थे।
बागला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.
आरके शर्मा ने स्वामी जी के आदर्श और कृतित्व से सीख लेकर राष्ट्र को
विश्वगुरू बनाने की बात कही। सभा का संचालन करते हुए डॉ. बीपी सिंह ने
रेलवे प्रशासन से स्वामी विवेकानंद के हाथरस प्रवास संबंधी शिलालेख को पुन:
लगवाने का आग्रह किया। कार्यक्रम संयोजक लक्ष्मीकांत दीक्षित ने सभी का
आभार जताया। सह संयोजक तरुन शर्मा ने मैराथन में प्रतिभागियों में प्रथम दस
के प्रमाण पत्र व पुरस्कार उनके विद्यालयों में भिजवाने की घोषणा की।
मैराथन की सुरक्षा व्यवस्था में सूबेदार मेजर सुभाष सिंह, हवलदार बनवारी
लाल व एनसीसी कैडेट्स के अलावा अजय चौधरी, दुष्यंत कुमार, अनुराग मिश्रा,
गौरांग, शशांक शर्मा, त्रिभुवन, अंकुश, अनमोल, हरीश शर्मा, रंजीत, विनोद
आदि थे।