आउटसोर्सिंग फर्म के चयन में नियमों को दरकिनाकर करने पर शासन ने हाथरस नगर पालिका के ईओ से स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्होंने ईओ को इसके लिए 15 दिन का समय दिया है।
सचिव मोहम्मद वासिफ द्वारा ईओ रोहित सिंह को जारी पत्र में कहा गया है कि 12 सफाई कर्मियों के नाम पर हर माह दो बार भुगतान करने के संबंध में प्रभारी अधिकारी तृतीय कलेक्ट्रेट व वरिष्ठ कोषाधिकारी हाथरस की संयुक्त जांच समिति ने जो जांच आख्या एक मार्च को दी है, उसमें कहा गया है कि एमआरएफ सेंटर के संचालन के लिए आउटसोर्सिंग पर सफाई मजदूरों की आपूर्ति के लिए शासन के निर्देशानुसार जैम पोर्टल पर निविदा आमंत्रित किए जाने के स्थान पर समाचार पत्रों में विज्ञप्ति ऑफर के माध्यम से सेवा प्रदाता फर्म का चयन किया गया है।
ईओ द्वारा स्पष्ट किया गया है कि डोर-टु-डोर कूड़ा संकलन का कार्य पूर्ण रूप से वर्क कॉन्ट्रेक्ट पर आधारित है। इसकी सभी जिम्मेदारी फर्म की है। एमआरएफ सेंटर का संचालन 12 सफाई मजदूरों से कराया जा रहा है। इसका ईपीएफ चालान फर्म द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। पिछले वर्ष 20 जुलाई को हुई नगर पालिका बोर्ड की बैठक में पारित आदेश के क्रम में पूर्व स्वीकृत अवधि समाप्त होने के बाद निविदा आमंत्रण की कार्यवाही पूर्ण होने तक पूर्व स्वीकृत फर्मों से पूर्व स्वीकृत दरों पर कर्मियों की आपूर्ति प्राप्त किए जाने के लिए सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति अभिलेखों में उपलब्ध नहीं पाई गइ्र। जांच रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि आउटसोर्सिंग फर्म के चयन के लिए नियमानुसार प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है।