हाथरस। पंचायतराज सेवा परिषद के बैनर तले ग्राम विकास से मुक्त कार्यक्रम के तहत पंचायतराज विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन प्रदर्शन किया। अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर कर्मचारियों ने सीएम के नाम डीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा।
पंचायतराज विभाग के समस्त घटक संगठनों के सदस्य एवं अखिल भारतीय प्रधान संगठन जिलाध्यक्ष धर्मवीर सिंह भी धरने का समर्थन करने के लिए वहां उपस्थित रहे। प्रादेशिक विकास सेवा नियमावली 1972 में अपर जिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारी समन्वयक के रूम में कार्य करता था, जो गैर विभागीय पद थे। वर्ष 1991 में प्रदेशिक सेवा नियमावली का संशोधन कर पंचायतीराज विभाग के सहायक विकास अधिकारी को खंड विकास अधिकारी पदों में से पदोन्नति के कोटे को समाप्त कर दिया गया। वर्ष 1992 में पंचायतराज विभाग को कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा से हटा दिया। इन विसंगतियों को सभी ने देखा, लेकिन दूर करने का प्रयास किसी ने नहीं किया, जिससे काम पंचायत राज विभाग के कर्मियों का और नाम विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का हो रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धरने में संगठन के संरक्षक डीपीआरओ जगदीशराम गौतम, रमेशकुमार शर्मा, दिनेश कुमार सिंघल, जगदीश प्रसाद राना, सुनहरीलाल गौतम, विश्वामित्र, कृष्णकांत गौतम, अंबरीश अग्रवाल, देवेंद्र सिंह, विश्व गौरव, गजेंद्र सिंह, मनोज कुमार, निहारिका सिंह, रीता देवी, उमलेश यादव, देवेंद्र गौतम, रामकिशन सिंह, वीरेंद्र कुमार, ईश्वरचंद यादव, फूल सिंह, नेम सिंह, विनोद कुमार उपाध्याय, संजय शुक्ला, मनीष वर्मा, अमितचंद्रा, शिव कुमार एवं समस्त ग्राम पंचायत अधिकारी धर्मेंद्र सिंह चौहान, बद्रीलाल चौहान, वारिस अंसारी, गिर्राज किशोर, सूरजपाल हंसमुख, चंद्रपाल सिंह, इरफान खां, बौबी, मनोज कुमार, संगीता देवी, प्रताप सिंह, योगेश चंचल, रक्षपाल सिंह एवं समस्त सफाई कर्मचारी उपस्थित थे।