यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बुधवार को जन-विरोधी बैंकिंग तथा श्रम सुधारों, श्रम संगठन अधिकारों में दखल देने के सरकारी कदम एवं स्थायी कार्यों की आउट सोर्सिंग का विरोध और अन्य मांगो को लेकर बैंक कर्मियों ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के बाहर प्रदर्शन किया।
बैंक कर्मियों की प्रमुख मांगों में विमुद्रीकरण योजना में कर्मचारियों को उचित क्षतिपूर्ति देने, विमुद्रीकरण योजना में बैंकों को संबंधित लागत की प्रतिपूर्ति करने, अधिवर्षिता लाभों में सुधार, अधिवर्षिता लाभों पर आयकर से पूरी छूट, अगले वेतन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करने, अनुकंपा आधार पर नियुक्ति योजना का उचित कार्यान्वयन, सभी संवर्गों में पर्याप्त भर्ती, पांच दिवसीय बैंकिंग, खराब ऋणों की वसूली के कठोर उपाय किए जाने एवं जानबूझकर चूककर्ताओं के विरुद्ध फौजदारी कार्यवाही थीं।
फोरम की जिला इकाई के संयोजक एवं यूपी बैंक इंपलाईज यूनियन के प्रांतीय सहायक महामंत्री बीएस जैन ने कहा कि बैंक कर्मियों की मांगों पर बैंक कर्मियों के राष्ट्रीय संगठन लंबे समय से आईबीए एवं केंद्र सरकार से वार्ता कर समस्याओं को सुलझाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन किसी भी स्तर से संतोष जनक प्रयास नहीं किया जा रहा।
मजबूर होकर राष्ट्रीय संगठन ने 28 फरवरी 2017 की हड़ताल सहित अन्य आंदोलन का आह्वान किया है। यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन के अध्यक्ष वीके शर्मा ने बैंक कर्मियों की मांगों को जायज बताया और कहा कि इन मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
आयबाक, साथी एवं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधक रातुल कोच ने बैंक कर्मियों की मांगों का समर्थन करते हुए एकजुटता पर जोर दिया। प्रदर्शन को सफल बनाने में राकेश वर्मा, बनी सिंह, डीसी गुप्ता, ओम प्रकाश, हुकुम सिंह, शोभित वर्मा, विवेक यादव, अशोक कुमार शर्मा, केएल वर्मा, इतवारी लाल, उमाशंकर जैन, राजवीर सिंह, राजेंद्र कुमार, अरुन कुमार, भजनलाल, राजकुमार, धर्मेंद्र कुमार, गया प्रसाद, रवि राकेश, लोकेश गौतम, एके वर्मा, राहुल जैन, डीके रायकवार, गंगा प्रसाद, हरिशचंद्र, अरविंद जैन, भूपेंद्र कुमार आदि थे।