शनिवार को सुबह से शाम तक हुई झमाझम बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया। पूरा शहर टापू की मानिंद नजर आया। शहर के हर गली-मोहल्ले और पॉश कॉलोनियों में भी जलभराव होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
दुकानों और घरों में बारिश का पानी घुसने से रोकने के लिए लोग मशक्कत करते रहे। नगर पालिका प्रशासन ने अभी तक मानसून से निपटने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए हैं, जिससे लोगों में काफी नाराजगी दिखाई दी। शहर के मोहनगंज और कोतवाली परिसर में सबसे ज्यादा हालात खराब रहे।
गंदा पानी दुकानों में घुसने से रोकने के लिए लोगों ने सड़क के बीचों-बीच वाहन लगाकर रास्ता बंद कर दिया, जिससे कोई वाहन यहां से नहीं गुजर सके। बारिश बंद होने के बाद भी जलभराव नहीं समाप्त हुआ। लोगों को दूसरे रास्तों से
लक्ष्मीनगर में जलभराव के बीच हुई घुड़चड़ी
शहर के मोहल्ला लक्ष्मीनगर की गलियों में भी बारिश का पानी भर गया। ऐसे में शादी समारोह होना था और तमाम रिश्तेदार भी आए हुए थे। सभी को घुटनों तक भरे पानी में होकर गुजरना पड़ा। गली में जलभराव होने से घुड़चड़ी भी गंदे पानी में होकर हुई। क्या दूल्हा क्या बराती और क्या गली के लोग सभी गंदे पानी में ही होकर गुजरे। बारातियों और घरातियों में इसे लेकर काफी गुस्सा नजर आया।
नाले के पानी से घर में हुए गड्ढे
शनिवार को हुई तेज बारिश के बाद होली वाली गली में भी जलभराव हो गया। नाले का गंदा पानी घरों में घुस गया। गंदा पानी होली वाली गली निवासी लक्ष्मन दास वर्मा के घर में घुस गया। मकान के काफी हिस्से में गड्ढे हो गए। यह देखकर परिवार के सदस्य मारे दहशत के घर से बाहर आ गए और स्थानीय लोगों की उनके घर पर भीड़ लग गई।
पानी में बंद हो गए वाहन
कई इलाकों में सड़क पर इस कदर पानी भर गया कि पैदल तो दूर, दोपहिया और चौपहिया वाहनों का भी निकलना मुश्किल था। कई वाहन तो पानी में फंसकर बंद हो गए। चालक अपने वाहनों को धक्का लगाते हुए या फिर पैदल खींचते हुए नजर आए।