जिला अस्पताल के एआरवी कक्ष में खाली पड़ी कुर्सी। संवाद
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जिले में निराश्रित कुत्तों और बंदरों के काटने से घायल होने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके मुकाबले अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) की उपलब्धता बेहद कम है। प्रदेश स्तर से सप्लाई बाधित होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। जिले से 23 हजार वैक्सीन का ऑर्डर लंबित है।
बृहस्पतिवार को भी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व जिला अस्पताल ने मरीज मायूस लौटे। जिला अस्पताल में जहां रोजाना औसतन 150 लोगों को वैक्सीन दी जा रही थी, अब यह सीमा घटकर 50 पर आ गई है। उपलब्ध स्टॉक के त्वरित प्रबंधन के तहत सुबह के समय केवल तीन घंटे ही टीके लगाए जा सके, जिसमें पहली डोज के मरीजों को विशेष रूप से प्राथमिकता दी गई ताकि संक्रमण के शुरुआती खतरे को रोका जा सके। जिले के वेयर हाउस में ही टीके उपलब्ध नहीं है।
आज 12 सौ टीके मिलने की संभावना
प्रदेश में नई फर्म को टेंडर दिया गया है। इस कारण ऑर्डर रुके हुए हैं। इसलिए अब स्वास्थ्य अधिकारी आसपास के जिलों व अन्य संभावित जगहों से एआरवी एकत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं। एसीएमओ डाॅ. राजीव गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को 12 सौ एआरवी इंजेक्शन मिल जाएंगे। इसके बाद प्रदेश स्तर से भी खेप मिल जाएगी जिससे लोगों को दिक्कत नहीं होगी।