पुलिस द्वारा सुनवाई न होने पर शिकायतकर्ता ने कोर्ट की शरण ली। प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर हाथरस सीजेएम कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए प्रकरण में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए निर्देश दिए हैं।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे समाज कल्याण विभाग में जूनियर क्लर्क की नौकरी हासिल करने व अपने पद का दुरुपयोग करने के गंभीर मामले में हाथरस न्यायालय ने बड़ी कार्रवाई की है। सीजेएम ने हाथरस गेट पुलिस को प्रकरण में सात दिनों में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं।
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विवेकानंद के रहने वाले नीरज उपाध्याय प्रकरण में शिकायत थी। नीरज ने बताया कि कोमल किशोर शर्मा निवासी अलीगढ़ रोड ने अपनी जन्म तिथि में हेरफेर कर समाज कल्याण विभाग, प्रयागराज में जूनियर क्लर्क पद पर नौकरी प्राप्त कर ली थी। नीरज ने प्रकरण में शिकायत की तो तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई थी। नीरज के अनुसार जांच के बीच कोमल किशोर ने त्याग पत्र दे दिया था।
आरोप लगाया है कि कोमल किशोर के रिश्तेदार सेवानिवृत्त सीओ रामेश्वरदयाल पाठक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जांच को दबाव दिया था। शैक्षणिक दस्तावेज जिले के होने के कारण नीरज ने यहां मुकदमा दर्ज कराने के लिए वर्ष 2024 में पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस द्वारा सुनवाई न होने पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली। प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर सीजेएम कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए प्रकरण में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए निर्देश दिए हैं।