नगर पंचायत सहपऊ में विकास कार्यों के पूर्ण होने से पहले ही कार्यदायी संस्थाओं को 1.30 करोड़ रुपये का अनियमित तरीके से भुगतान करने के बाद इस मामले में हुई जांच में दोषी मिले ईओ एवं दो कर्मचारियों के खिलाफ फाइल तैयार की जा रही है। दो तीन दिन में फाइल तैयार होने के बाद उनपर कार्रवाई होना तय है।
जांच अधिकारी ने तत्कालीन ईओ मणिजी सैनी, अस्थाई तौर नगर पंचायत सहपऊ में तैनात किए लिपिक अनुपम गुप्ता एवं नगर पंचायत में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हरेन्द्र सिंह को दोषी माना है। अब दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। नगर पंचायत सहपऊ चेयरमैन विपन कुमार वशिष्ठ का कार्यकाल तीन जनवरी को समाप्त हो गया था। नगर तत्कालीन ईओ मणिजी सैनी, नगर पंचायत में तैनात लिपिक अनुपम गुप्ता के साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हरेन्द्र सिंह (टीसी) ने मिलकर नगर पंचायत में विकास कार्य कर रहीं 17 कार्यकारी को 1.30 करोड़ रुपये का अनियमित भुगतान कर दिया था।
इस अनियमित भुगतान की शिकायत पूर्व चेयरमैन विपन कुमार वशिष्ठ ने जिलाधिकारी अर्चना वर्मा के साथ कमिश्नर, प्रमुख सचिव गृह प्रमुख सचिव नगर विकास के अलावा मुख्यमंत्री तथा निदेशक स्थानीय निकाय लखनऊ को शिकायत की थी।
जिलाधिकारी द्वारा मुझे नगर पंचायत सहपऊ में हुई एक करोड़ तीस लाख रुपये के अनियमित भुगतान करने वाले दोषियों के खिलाफ फाइल तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। दो तीन दिन में फाइल तैयार होने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी - डॉ. बसंत अग्रवाल एडीएम ( राज एवं वित्त )