शिक्षा का आधिकार (आरटीई) के तहत सीट आवंटित होने के बावजूद विद्यालय में प्रवेश न लेने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को इसका कारण बताना होगा। यह जानकारी बीएसए कार्यालय द्वारा शासन को भेजी जाएगी।
आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों में 25 सीटों पर निशुल्क प्रवेश देने का प्रावधान है। इसके तहत तीन चरणों की प्रवेश प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। चौथे चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसकी लौटरी 28 को जारी कर दी जाएगी। काफी विद्यार्थी ऐसे होते हैं, जिन्हें सीट आवंटित होने के बावूजद विद्यालय में प्रवेश नहीं लेते हैं। इससे तमाम आर्थिक कमजोर विद्यार्थिंयों का नुकसान होता है। शिक्षा विभाग ने इस स्थिति पर अंकुश लगाने का प्रयास किया है। ऐसे विद्यार्थियों के अभिभावकों को प्रवेश न लेने का कारण विभाग को बताना होगा। इस संबंध में बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि आरटीई के तहत सीट आवंटित न होने के बाजूद प्रवेश न लेने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश लेने का कारण बताना होगा। हालांकि, बीएसए कार्यालय ने इस साल प्रवेश न लेने का कारण जानने के लिए सर्वे भी कराया था।