राशन कार्ड की गड़बड़ियों के चलते राशन सामग्री से वंचित उपभोक्ताओं को आज से राहत मिल जाएगी। शासन के आदेश के बाद ऐसे उपभोक्ताओं को अब सोमवार से कोई भी आईडी प्रूफ दिखाकर राशन दिया जाएगा, फिर चाहे बायोमैट्रिक मशीन से उनकी डिटेल मैच करे या नहीं। आपूर्ति विभाग ने जिले के सभी राशन डीलर्स को इस बारे में निर्देश भी जारी कर दिए हैं। उनसे कहा गया है कि कोई भी कार्डधारक किसी भी सूरत में खाद्यान्न से वंचित नहीं रहना चाहिए।
दरअसल, सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद राशन कार्डधारकों का नए सिरे से सत्यापन कराया गया है। सत्यापन में तकरीबन 29 हजार कार्ड धारक अपात्र पाए गए थे, जिनके राशन कार्ड रद कर दिए गए हैं, जबकि इनकी जगह इतने ही पात्रों का चयन किया गया है। जिन कार्डधारकों का चयन हो चुका है, उनकी ऑनलाइन फीडिंग का काम भी कराया जा चुका है, फिर भी बड़ी संख्या में राशन कार्डधारकों को राशन की दुकानों से इसलिए सामान नहीं मिल पा रहा, क्योंकि उनकी अंगूठा निशानी, नाम-पते या बल्दियत की एंट्री या फिर आधार नंबर की एंट्री विभागीय डाटा से मेल नहीं खा रही। ऐसे में डीलर्स ने भी इन उपभोक्ताओं को राशन देने में हाथ खड़े कर दिए हैं।
यह कार्डधारक कई दिनों से आपूर्ति कार्यालय और राशन डीलर्स के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिल पाई। बड़ी संख्या में कार्डधारक खाद्यान्न से वंचित चल रहे हैं। चूंकि इस तरह की शिकायतें प्रदेश भर से शासन तक पहुंची थीं, इसलिए शासन ने स्पष्ट आदेश दिया था कि कोई भी कार्डधारक खाद्यान्न से वंचित नहीं रहना चाहिए। अगर कोई कार्डधारक अपनी पहचान साबित करने के लिए आईडी प्रूफ देता है तो उसे राशन सामग्री दी जानी चाहिए। यह व्यवस्था 20 अगस्त से प्रदेश भर में लागू हो गई है, लेकिन रविवार की छुट्टी के चलते अब सोमवार से इसकी विधिवत शुरुआत होगी। उम्मीद है कि इस व्यवस्था से राशन कार्डधारकों को निश्चित रूप से राहत मिलेगी।