दुष्कर्म के बाद पीड़िता छह दिनों तक सहमी रही। पीड़िता की मां बाहर रहती हैं। जब वह घर पहुंचीं तो बेटी की डरी-सहमी हालत देखी। उन्होंने बेटी से इसका कारण पूछा तो वह मां से चिपक गई और उन्हें रोते हुए पूरी व्यथा बताई।
मां ने जब बेटी की व्यथा सुनी तो उनके होश फाख्ता हो गए। मां ने पूरा वाकया अपने ससुर और पीड़िता के बाबा को बताया। पीड़िता पर दहशत इस कदर हावी थी कि वह इन छह दिनों में स्कूल तक नहीं गई और न हीं किसी को कुछ बताया। जब वह विद्यालय नहीं गई तो बाबा ने उससे कई बार इसका कारण पूछा, लेकिन वह उन्हें भी अपनी पीड़ा बता नहीं सकी। मां के आने के बाद बेटी का हौसला बढ़ा और उसने पूरी घटना की जानकारी उनको दी। इसके बाद मां अपनी बेटी को लेकर कोतवाली पहुंचीं और पुलिस से शिकायत की। इस घटना को लेकर इलाके में भी चर्चाएं रहीं।
पीड़िता के बाबा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर विवचेना की जा रही है। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।-योगेंद्र कृष्ण नारायण ,सीओ सदर।
पीड़िता के परिजन मेरी दुकान पर आए थे। मैंने उन्हें बताया था कि आरोपी युवक को दिवाली पर ही काम से निकाल दिया है। मेरा उससे कोई मतलब नहीं है। इसके बावजूद भी मेरा नाम रिपोर्ट में शामिल किया है।-सचिन अग्रवाल, नगर अध्यक्ष, विहिप।