नगर निकाय चुनाव की नामांकन प्रक्रिया का वक्त जैसे-जैसे बीत रहा है, राजनीतिक दलों के पत्ते खुलने भी शुरू हो गए हैं। समाजवादी पार्टी ने तमाम चर्चाओं और अटकलों को विराम देते हुए हाथरस नगर पालिकाध्यक्ष पद की प्रतिष्ठित सीट के लिए सादाबाद के पूर्व सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल की पत्नी लतारानी अग्रवाल पर भरोसा जताया है।
इस तरह हाथरस में एक बार फिर पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय और पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल के परिवार के सदस्य आमने-सामने होंगे। हाथरस फिर से दो चिर प्रतिद्वंद्वियों के बीच दिलचस्प सियासी मुकाबले का गवाह बनेगा।
गौरतलब है कि बसपा पहले ही हाथरस नगर पालिकाध्यक्ष पद के लिए पूर्व मंत्री के अनुज रामेश्वर उपाध्याय की पत्नी कल्पना उपाध्याय को उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। इसी तरह सादाबाद नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सपा ने सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव चौ. मेहराजुद्दीन का टिकट काटकर फिर से उनके चाचा चौ.भाजुद्दीन को थमा दिया है।
सपा ने बाकी नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए भी अपने प्रत्याशियों की घोषणा गुरुवार को कर दी। बसपा ने भी सिकंदराराऊ (सुरक्षित) नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। बाकी सीटों के लिए बसपा ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
सबसे ज्यादा सस्पेंस सत्ताधारी भाजपा के प्रत्याशियों को लेकर बना हुआ है। भाजपा अभी तक किसी भी नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अपना प्रत्याशी तय नहीं कर पाई है। उसके दावेदार अब भी टिकट की आस में लखनऊ-दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं। वैसे पार्टी सूत्रों का कहना है कि बसपा और सपा के प्रत्याशी घोषित होने के बाद अब भाजपा संभवतया शुक्रवार की शाम तक अपने सभी प्रत्याशी घोषित कर सकती है। फिलहाल भाजपा के उम्मीदवारों को लेकर अटकलों और चर्चाओं का बाजार गर्म है। आम-ओ-खास ही नहीं, बल्कि पूरे सियासी जगत की नजरें भी सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवारों की घोषणा पर टिकी हैं। इसके बाद ही जिले में सियासी मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।