बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की लाइन। संवाद
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जिले में मौसम के बदलते मिजाज और हल्की बारिश ने गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ ही मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ा दिया है। पिछले सप्ताह मुरसान में एक मलेरिया पॉजिटिव केस भी मिल चुका है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में भी बुखार के मरीजों की संख्या में सोमवार को बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम को देखते हुए सीएमओ डाॅ. राजीव रॉय ने प्रभावित क्षेत्रों के सर्वे और लार्वा निरोधी गतिविधियों को तेज करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों का सैलाब उमड़ पड़ा। दिन भर में कुल 2621 मरीजों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से अधिकतर मरीज सर्दी, जुकाम और तेज बुखार की समस्या लेकर पहुंचे थे।
पर्चा काउंटर से लेकर चिकित्सक के कक्ष और पैथोलॉजी लैब के बाहर मरीजों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। लैब में जांच के लिए आने वाले अधिकांश मरीजों को मलेरिया और टाइफाइड की जांच लिखी जा रही है। बुखार से संबंधित मरीजों की संख्या 300 से अधिक रही। इस कारण जिला अस्पताल की पैथोलॉजी पर भी दबाव बढ़ गया है। एसीएमओ डाॅ. राजीव गुप्ता ने बताया कि इस मौसम में बुखार को सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें। समस्या होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं तथा बताए अनुसार जांच भी कराएं।
इन बातों का रखें ध्यान :
पूरी बाजू के कपड़े पहनें : मच्छरों से बचने के लिए शरीर को ढंककर रखें।
जलभराव न होने दें : कूलर, गमलों, पुराने टायरों और घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
मच्छरदानी का प्रयोग : सोते समय अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें।
स्वयं उपचार से बचें : बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी एंटीबायोटिक या दर्द निवारक दवा न लें।