धान की फसल की कटाई शुरू हो चुकी है और कई जगहों पर फसल काटकर खेतों में ही रखी गई है, लेकिन अचानक हुई बारिश से पूरी फसल भीगकर खराब हो गई। अब धूप में सूखने के बाद दाना काला पड़ जाएगा।
हाथरस जिले में 30 सितंबर की सुबह हुई तेज बारिश से खेतों में पानी भर गया, जिससे खेतों में कटी रखी धान की फसल भीगने से बर्बाद हो गई। बारिश ने धान उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
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जिले में इस बार लगभग 52 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती हुई है। हाथरस जंक्शन क्षेत्र, जलेसर रोड, सिकंदराराऊ और हसायन धान की पैदावार के प्रमुख क्षेत्र हैं। किसानों ने बताया कि धान की फसल की कटाई शुरू हो चुकी है और कई जगहों पर फसल काटकर खेतों में ही रखी गई है, लेकिन अचानक हुई बारिश से पूरी फसल भीगकर खराब हो गई। अब धूप में सूखने के बाद दाना काला पड़ जाएगा। खेतों में पूरी तरह से पानी भर गया है।
हमने फसल बड़ी मेहनत से तैयार की थी। दो दिन पहले ही धान काटकर खेत में रखा था। अब बारिश ने सब चौपट कर दिया। हमारी लागत निकलना भी मुश्किल है।-विनोद कुमार निवासी झींगुरा।
खेतों में पानी भर गया है। अगर धूप नहीं निकली तो फसल सड़ जाएगी। सरकार को हमारी मदद करनी चाहिए, नहीं तो कर्ज चुकाना भी भारी पड़ जाएगा।-राजकुमार निवासी कलवारी।