चंदपा के गांव चिंतागढ़ी में झोलाछाप के इलाज से 28 वर्षीय सोनू की मौत हो गई। पेट में दर्द उठने पर परिजन उसे गांव परसारा स्थित क्लीनिक लेकर गए थे। वहां झोलाछाप ने उसे तीन इंजेक्शन लगाए। 30 मिनट बाद सोनू की मौत हो गई। परिजन ने झोलाछाप पर गलत उपचार करने का आरोप लगाया है।
परिजन के मुताबिक रविवार सुबह सोनू के पेट में असहनीय दर्द उठा। सोनू के चाचा के अनुसार लोग उसे परसारा गांव लेकर पहुंचे। यहां खुद को चिकित्सक बताते हुए क्लीनिक संचालक ने दर्द बंद करने के लिए सोनू के तीन इंजेक्शन लगाए। इसके 30 मिनट बाद से सोनू के मुंह से झाग आने लगे और वह अचेत हो गया।
परिजन उसे शहर के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक ने बताया कि फेफड़े व मस्तिष्क नष्ट हो चुके हैं। वहां मना करने पर परिजन उसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे, जहां दोपहर करीब दो बजे डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पिता बनने की खुशियां मातम में बदलीं
सोनू मेहनत-मददूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी शादी करीब एक साल पहले हुई थी और परिजनों के अनुसार महज आठ दिन पहले ही उसकी पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया था। घर में नवजात के आने की खुशियां अभी ठीक से मन भी नहीं पाई थीं कि सोनू की अचानक हुई मौत से पूरे परिवार में कोहराम मच गया और मातम छा गया।
युवक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अभी लिखित शिकायत नहीं मिली है।
-रामानंद कुशवाहा, एएसपी
मामला संज्ञान में आया है। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आएगा। जांच टीम गठित कर गांव भेजी जाएगी। झोलाछाप पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. वेदप्रकाश, सीएमओ