गिरते जल स्तर को बढ़ाने के लिए जनसहभागिता जरूरी
कई ब्लॉकों में वर्षा जल संचयन के लिए प्रोजेक्ट को दिया अंतिम रूप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जल शक्ति अभियान के तहत जिले के चार ब्लॉकों में गिरते भूजल स्तर को जल्द ही सुधारने के लिए कार्ययोजना के तहत काम किया जा रहा है। गिरते जल स्तर को बढ़ाने के लिए आम जन सहभागिता जरूरी है। जन सहभागिता से पहले जन चेतना महत्वपूर्ण है। ये बातें भूगर्भ जल विभाग भारत सरकार के उप महानिदेशक मित्रसेन ने मीतई बिजली घर पर पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि जल संचयन के लिए जिले में खाइयों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे वर्षा के जल को एकत्रित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पुराने सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग के लिए विभागीय अधिकारियों से वार्ता की जा रही है। उन्होंने कहा कि मिसाल के तौर पर प्राइमरी स्कूल सुल्तानपुर में वर्षा जल को संचयन करने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि जिले की रैंकिंग टॉप 10 में बनाए रखने के लिए पुरजोर प्रयास किया जा रहा है। इस रैंकिंग में जिले में मिट्टी की नमी, ग्राउंड वाटर लेवल के साथ अन्य कामों का भी आकलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांवों के भ्रमण के दौरान यह देखने में आया है कि ग्रामीणों में भूगर्भ जल के गिरते स्तर को लेकर चिंता देखने को मिली है। ग्रामीणों का जल शक्ति अभियान को लेकर सकारात्मक रवैया नजर आ रहा है।
उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रथम चरण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस चरण के कार्य को पूरा करने के लिए अंतिम रूप दिया जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा पौधरोपण, सोख पिट निर्माण के माध्यम से गिरते जल स्तर को बचाने की कवायद की जा रही है। इस मौके पर सीडीओ आरबी भास्कर, डीडीओ अवधेश सिंह यादव, डीएचओ गमपाल सिंह, शैलेंद्र लवानिया आदि मौजूद थे।