हाथरस। लखनऊ में धरना-प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज और नियमितीकरण सहित 9 सूत्री मांगाें को लेकर बुधवार को यूपी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (संविदा) कर्मचारी संघ के बैनर तले बुधवार को मुख्य चिकित्साधिकारी दफ्तर के परिसर में स्वास्थ्य संविदा कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया।
संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार ने कहा कि सभी संविदा कर्मचारी अपनी नियमितीकरण, समान कार्य समान वेतन, मानव संसाधन नीति के अंतर्गत चिकित्सकीय अवकाश, ईपीएफ, ईएसआई एवं राज्य कर्मचारियों को प्राप्त सुविधाओं के अनुरूप सुविधाओं की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन पर जिस तरीके से लाठीचार्ज किया, उसकी जितनी भर्त्सना की जाए, कम है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष निशांत यादव ने कहा कि जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कुछ संविदा कर्मी सेवा प्रदाता एजेंसी के माध्यम से रखे गए हैं, जिस कारण उनको अपना निर्धारित वेतन का 50 फीसदी भाग ही प्राप्त हो पाता है। इन कर्मियों का शोषण कई सालों से हो रहा है।
महिला संगठन मंत्री डॉ. रश्मि सेंगर ने कहा कि सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का एक मात्र विकल्प आंदोलन ही है, जो कि हमारा अधिकार है। जिला सचिव तीक्ष्ण तिवारी, उपाध्यक्ष डॉ. पावस कुशवाहा, सचिन सागर, डॉ. पवन कुमार सेंगर आदि ने भी विचार रखे।
इस दौरान विधायक देवेंद्र अग्रवाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। विधायक ने कहा कि किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की जांच की मांग भी वह सीएम से करेंगे। धरने में ब्लॉक और जिले के कर्मचारी मौजूद रहे। हड़ताल को मांगाें के पूरा होने तक जारी रखने का निर्णय लिया गया।