इंसाफ की मांग करतीं सुनील की पत्नी। संवाद
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सुनील चौधरी हत्याकांड के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने से परिजनों और समाज के लोगों का गुस्सा बुधवार को कलेक्ट्रेट पर फूट पड़ा। साढ़े चार घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन में पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। पति की हत्या से आहत पत्नी अंजू और बहन न्याय की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट के सामने सड़क पर लेट गईं। बाद में परिजनों ने समझाकर उन्हें उठाया।
मुरसान क्षेत्र के गांव दयालपुर पेट्रोल पंप के निकट रहने वाले सुनील चौधरी की 13 जून की शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि पड़ोसी सुखवीर उर्फ फौजी, अजय और चंदन उसे बुलाकर ले गए थे, जिसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के बाद भी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने और उसका हथियार के साथ वीडियो वायरल होने से परिजनों में आक्रोश बढ़ गया।
बुधवार सुबह करीब 10 बजे परिजन और जाट समाज के लोग पूर्व विधायक प्रताप चौधरी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, मुख्य आरोपी का एनकाउंटर करने, आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने और विवेचना को अलीगढ़ के इगलास थाने स्थानांतरित करने की मांग की।
करीब डेढ़ घंटे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो प्रदर्शन और उग्र हो गया। एडीएम, एसडीएम और अन्य अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। आखिरकार डीएम अतुल वत्स धरना स्थल पर पहुंचे और मृतक के परिजनों से वार्ता कर आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ।
प्रकरण गंभीर है। परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अतुल वत्स, डीएम