करोड़ों कमाने के लिए प्रॉपर्टी के धंधे में उतरे
दोनों भाइयों का अपराध से पुराना नाता रहा है। पिता हिस्ट्रीशीटर थे, तो अपराध की दुनिया में बैकग्राउंड पहले से ही मजबूत था। लगभग 10 साल पहले मारपीट व जानलेवा हमले के कई मामलों में दोनों भाइयों का नाम सामने आया था, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के चलते दोनों शांत हो गए थे। इसके बाद बीएच ऑयल मिल स्थित फैक्टरी में चूरन चटनी का काम शुरू किया, लेकिन काम कुछ खास नहीं चल रहा था, इसलिए करोड़ों कमाने के लिए प्रॉपर्टी के धंधे में उतर आए और विवादित संपत्तियों में हस्तक्षेप शुरू कर दिया। कमल व गौरव के अलावा शहर में कई ऐसे प्रॉपर्टी माफिया सक्रिय हैं, जो दबंगई के बल पर पुरानी संपत्तियों को हथिया रहे हैं।
इसी फैक्टरी पर हुई थी पिता की हत्या
बीएच ऑयल मिल स्थित इसी फैैक्टरी पर कमल-गौरव के पिता कुल्लो पहलवान की वर्ष 2012 में हत्या की गई थी। इस हत्या में राजेश टोंटा व उससे जुड़े लोगों के नाम सामने आए थे। फैक्टरी पर यह दूसरी हत्या है।